तमिलनाडु के एक ऑटो-र‍िक्‍शा चालक ने यह बात फिर से साबित कर दी है कि आप भले ही कोई भी काम कर रहे हों, लेकिन अगर आप उसे नई सोच और मेहनत के साथ करते हैं तो आपको दुनिया भर में पहचान मिल सकती है। ये ऑटो ड्राइवर आज अपनी नई सोच की वजह से ही मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक पर छाया हुआ है।

ऑटो में मिलती हैं आधुनिक सुविधाएं 

चेन्नई के अन्‍नादुरई की आज हर कोई तारीफ कर रहा है। वैसे तो देश भर में लाखों ऑटो और उन्हें चलाने वाले हैं। हम लोग भी अक्सर इन ऑटोज में सफर करते रहते हैं लेकिन चेन्नई में पिछले 10 सालों से ऑटो-रिक्शा चला रहे अन्‍नादुरई का ऑटो बिल्कुल अलग है। इनके ऑटो रिक्‍शा में यात्रियों को लग्‍जरी गैजेट्स आईपैड, लैपटॉप, स्नैक्स, कोल्‍ड ड्रिंक्‍स के साथ-साथ फ्रिज और मुफ्त वाईफाई जैसी कई बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं।

इन लोगों से नहीं लेते किराया 

इनके ऑटो में मिलने वाली इन सुविधाओं की वजह से ही आज इनकी हर तरफ तारीफ हो रही है। ये सबही सुविधाएं ऑटो में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए है।ऑटो में उपलब्ध इन सुविधाओं के अलावा अन्‍नादुरई की एक बात उन्हें सबसे खास बनाती है और वो ये कि वह टीचर, डॉक्टर, नर्स और सैनेटाइजेशन वर्क जैसे पेशे से जुड़े लोगों से कोई किराया नहीं लेते।

ग्राहकों की खुशी है सबसे ऊपर 

अन्‍नादुरई का कहना है कि वह चेन्नई में पिछले 10 सालों से ऑटो-रिक्शा चला रहे हैं। उनके ऑटो में एक आईपैड, लैपटॉप, स्नैक्स, कोल्‍ड ड्रिंक्‍स के साथ फ्रिज भी रखा हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने इसमें मुफ्त वाईफाई की व्यवस्था भी दे रखी है। अन्‍नादुरई को अपने ग्राहकों पर पूरा भरोसा है इसलिए वह लग्‍जरी गैजेट्स उन्हें यूज करने के लिए देते हैं।अन्‍नादुरई के लिए ग्राहकों की खुशी पैसे से ज्यादा है।

आर्थिक तंगी ने पढ़ने से रोका मगर नई सोच ने दी पहचान 

आज हर तरफ से चर्चा और तारीफ बटोर रहे अन्नादुरई की इस नई और आधुनिक सोच की वजह से अब उन्हें ग्राहकों का इंतजार नहीं करना पड़ता बल्कि लोग खुद उनका इंतजार करते हैं। मूल रूप से चेन्‍नई के तंजावुर जिले के पेरावुरानी गांव के रहने अन्‍नादुरई के पिता और बड़े भाई भी ऑटो चालक ही हैं। अन्‍नादुरई पढ़ना चाहते थे लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से उन्हें 12वीं में ही अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी। हालांकि अन्नादुरई ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी सोच और ज्ञान के दम पर अपने सामान्य से पेशे को खास बना दिया। अन्‍नादुरई ने सबसे पहले अपने ऑटो में यात्रियों को न्यूज पेपर देना शुरू किया। इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे सुविधाएं बढ़ा दीं।

आनंद महिंद्रा की तारीफ 

लोग ऑटो चालकों को देखकर समझते हैं कि ये कम पढ़े लिखे हैं और इन्हें केवल स्थानीय भाषा ही आती होगी लेकिन अन्नादुरई ने लोगों की इस सोच को भी बदल दिया है। वह फर्राटे से अंग्रेजी बोलते हैं। बता दें कि इस ऑटो चालक की प्रशंसा करने वालों में भारतीय टीम के दिग्गज गेंदबाज आर आश्विन तथा बिजनेस वर्ल्ड की जानी मानी हस्ती आनंद महिंद्रा का भी नाम आता है।आनंद महिंद्रा ने तो अन्‍नादुरई की तारीफ करते हुए उन्‍हें ‘प्रोफेसर ऑफ मैनेजमेंट’ भी कहा।