बिहार की राजधानी पटना में विभिन्‍न जिलों से बड़ी संख्‍या में छात्र पढ़ाई करने आते हैं. सामान्‍य पढ़ाई के साथ ही बड़ी संख्‍या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र भी पटना में रह कर अध्‍ययन-अध्‍यापन करते हैं. ऐसे छात्रों के लिए बड़ी खबर है. कलेक्‍टर डॉक्‍टर चंद्रशेखर सिंह ने 138 कोचिंग सेंटर को बंद करने का आदेश जारी किया है. इस आदेश का उल्‍लंघन करने वालों से 1 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा. आरोप है कि चिह्नित कोचिंग सेंटर निर्देश के बावजूद मानक को पूरा नहीं किया और बिना मूलभूत सुविधाओं के ही इसका संचालन किया जा रहा है. पटना जिला प्रशासन ने ऐसे कोचिंग सेंटर्स के खिलाफ सख्‍त रुख अपना लिया है.

जानकारी के अनुसार, बिना मानक पूरा किए चल रहे कोचिंग संस्थानों पर जिला प्रशासन ने गाज गिराना शुरू कर दिया है. पटना के गली-चौराहों में बिना कोई सुविधा के सैकड़ों की संख्या में कोचिंग संस्थान खुल गए हैं. इन सेंटर्स में न तो कमरे हैं और न ही शौचालय की सुविधा है और न ही पेयजल की मुक्‍कमल व्‍यवस्‍था. पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह ने ऐसे 138 कोचिंग संस्थानों को बंद करने का निर्देश जारी किया है. डीएम डॉ. चन्द्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में कलेक्‍ट्रेट स्थित सभा कक्ष में हुए बैठक में बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 के अंतर्गत जिला कोचिंग संस्थान निबंधन समिति की बैठक हुई. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, पटना समिति के सदस्य-सचिव एवं प्राचार्या, पटना वीमेंस कॉलेज समिति के सदस्य के तौर पर उपस्थित थीं. बैठक में इन कोचिंग संस्थानों को बंद करने का निर्देश जारी किया गया.

कोचिंग सेंटर के रजिस्‍ट्रेशन के लिए 609 आवेदन कोचिंग सेंटर के रजिस्‍ट्रेशन के लिए कुल 609 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 287 कोचिंग संस्थानों का रजिस्‍ट्रेशन किया गया. 111 कोचिंग संस्थानों को जांच के बाद अयोग्य पाते हुए अस्वीकृत किया गया. इन्हें बंद करने का नोटिस भी दिया गया है. शेष 211 आवेदनों में से कुल 153 आवेदनों पर विचार किया गया, जिनमें से 126 कोचिंग संस्थानों को निबंधन हेतु स्वीकृत किया गया और 27 आवेदनों को खारिज कर दिया गया.

जिला प्रशासन ने सभी 138 कोचिंग संस्थानों को तत्काल बंद करने का निर्देश जारी किया है. अगर कोचिंग संचालकों द्वारा संस्थान को बंद नहीं किया जाता है जो 25 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.