बिहार विधानसभा को आज अवध बिहारी चौधरी के रूप में नया अध्यक्ष मिल जाएगा. चौधरी की पहचान बिहार की राजनीति में बेहद शांत स्वभाव वाले नेता के तौर पर होती है. बिहार विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष विजय सिन्हा के इस्तीफे के पहले से ही इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि अवध बिहारी चौधरी विधानसभा के अगले अध्यक्ष मनोनीत होंगे. गुरुवार को उन्होंने इसके लिए अपना नामांकन भी विधानसभा के प्रभारी सचिव के समक्ष कर दिया था.

आज यानी शुक्रवार को दिन के 11 बजे उनका मनोनयन भी बतौर अध्यक्ष हो जायेगा. दरअसल विधानसभा में नए स्पीकर के रूप में अवध बिहारी चौधरी का निर्वाचन निर्विरोध होगा क्योंकि गुरुवार को उनका एकमात्र नामांकन हुआ था. पिछले दिनों RJD ने विधानसभा अध्यक्ष के लिए उनका चयन किया था और पार्टी विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर भी लगी थी. RJD के वरिष्ठ विधायक अवध बिहारी चौधरी महागठबंधन की तरफ से विधानसभा अध्यक्ष पद के उम्मीदवार थे.

सदन में महागठबंधन के सदस्यों के संख्या बल को देखते हुए उनका अध्यक्ष चुना जाना तय था यही वजह रही की जब गुरुवार को इन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दर्ज किया तो इसके बाद किसी ने नामांकन दर्ज नहीं किया और अब आज इस बात की घोषणा भी हो जायेगी कि अवध बिहारी चौधरी विधानसभा अध्यक्ष चुन लिए गए. 76 वर्षीय अवध बिहारी चौधरी सादगी और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं. वो सीवान से छह बार विधायक चुने गए हैं और लालू परिवार के बेहद करीबी माने जाते हैं.

वो पूर्व में राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. अवध बिहारी चौधरी आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के काफी करीबी हैं और उनके पसंदीदा नेताओं में उनकी गिनती होती है. पार्टी में उनके नाम पर सबकी सहमति थी. अवध चौधरी आरजेडी के दूसरे विधानसभा अध्यक्ष होंगे. RJD की स्थापना काल के 25 सालों में यह दूसरा मौका है जब दूसरी बार RJD को स्पीकर पद का मौका मिला है.

इससे पहले देवनारायण यादव आरजेडी से विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं. वो 1995 से 2000 तक विधानसभा स्पीकर के पद पर रहे थे. गौरतलब है कि RJD का गठन 1997 में हुआ था तब RJD कोटे से ही के स्पीकर हुए थे. इसके बाद साल 2000 से 2005 तक RJD के समर्थन ने कांग्रेस के सदानंद सिंह स्पीकर हुए.