हाल ही में राजगीर में जू सफारी भी शुरू हो चुका है।पर्यटन के लिहाज से यह शहर अति महत्वपूर्ण है सर मैं यहां पर भारी संख्या में ट्रैफिक भी आता है। लोकल गाड़ियों के अलावा इस शहर में पर्यटकों की गाड़ियों की भीड़ लगी रहती है। ऐसे में सरकार ने राजगीर में एक काफी लंबे एलिवेटेड रोड के निर्माण का फैसला लिया है। 1300 करोड़ की लागत से बनने वाले इस कॉरीडोर की कुल लंबाई 8.7 किलोमीटर है।

दिखेगा वन्यक्षेत्र का खूबसूरत नजारा

इस एलिवेटेड कारीडोर रोड पर रोप-वे के पास उतरने और चढ़ने के लिए रैंप भी बनेगा। राजगीर वनक्षेत्र से गुजरने वाले इस एलिवेटेड रोड से हरे-भरे जंगलों का नजारा भी लोग ले सकेंगे। बता दें कि राजगीर के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वकांक्षी परियोजनाओं में शुमार, राजगीर फोर लेन एलिवेटेड कारीडोर रोड को भारत सरकार की मंजूरी मिला।

इस जगह बनना है रोड

राजगीर के दक्षिणी दिशा में नवादा तथा नालन्दा जिला के सीमा रेखा से सटे बाणगंगा पुल तथा उत्तर दिशा में राजगीर-बिहार शरीफ मार्ग स्थित अनुमंडल मुख्यालय के बीच फोर लेन एलिवेटेड कारीडोर रोड को बनाने का सीएम नीतीश कुमार ने निर्देश दिया था। दो बार स्थल का भ्रमण किया गया था। उसके बाद मार्गरेखन कर इसे अंतिम रूप दिया गया था। निर्देश के अनुपालन में पथ निर्माण विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर अब भारत सरकार की भी अनुमति मिल गई है।

विकसित होंगे कई टूरिस्ट स्पॉट

पथ निर्माण विभाग के अनुसार राजगीर अंतर्रष्ट्रीय पर्यटन नगरी के इस 8.7 किलोमीटर एलिवेटेड कारीडोर रोड में, अनेक टूरिस्ट स्पाट को विकसित किए जाने की योजना भी है। फिलहाल अभी फोर लेन चौड़ीकरण का काम जारी है। इस एलिवेटेड कारीडोर रोड के बनने ही राजगीर को पर्यटन सीजन में जाम से निजात तो मिलेगी ही, साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।