पटना : लालू-तेजस्वी के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की कहानी अब नए मोड में है। पार्टी के भीतर भी इस नए मोड पर खूब चर्चा हो रही। राजद ने अपने सदस्यता अभियान का विश्लेषण किया तो यह बात सामने आई है कि 1.05 करोड़ सदस्य अकेले बिहार में बने जिसमें 50 प्रतिशत सदस्य ऐसे हैं जिनकी उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच है। यानी सदस्यों के लिहाज से राजद के पास युवाओं का एक बड़ा वर्ग उपलब्ध हो गया है। राजद के नेताओं का कहना है कि यह ट्रेंड बता रहा कि आगे की कहानी का प्लाट किस तरह से बन रहा। 

युवाओं की राजद में रुचि नए अंदाज में

इस बाबत राजद पदाधिकारी का मानना  है कि राजद में युवाओं की रुचि बिल्कुल ही नए अंदाज में है। पहले जब सदस्यता अभियान चलता था तो एक तय पैटर्न के तहत लोग पार्टी जुड़ते थे पर इस बार कुछ अनोखा हुआ। सदस्यता अभियान के  तहत इस तरह का कोई लक्ष्य नहीं था कि हमें किस उम्र के लोगों के बीच फोकस करना है। पर जब यह काम शुरू हुआ तो हर जगह पर युवाओं ने राजद का सदस्य बनने में अपनी दिलचस्पी दिखाई। पार्टी ने इसके बाद यह सोचा कि इसका आकलन कराया जाए कि किस उम्र के लोग अधिक संख्या में राजद से जुड़ रहे। यह संभव है कि तेजस्वी यादव के चेहरे का असर हो यह। 

उम्र के लिहाज से पार्टी की सदस्यता अभियान के आकलन में यह बात ध्यान में आया कि 20 से 40 वर्ष की उम्र वाले सदस्यों के बाद दूसरे नंबर पर 40 से 50 की उम्र वालों की संख्या है। 

इस नए ट्रेंड के केंद्र में महिलाएं

राजद के साथ युवाओं के आने के केंद्र में महिलाएं हैं। पार्टी ने पहली बार यह प्रयोग किया था कि सभी जिले में सदस्यता अभियान का जिम्मा बड़ी संख्या में महिलाओं को सौंपा था। जिस जिले में  निवार्चन अधिकारी पुरुष को बनाया गया तो सहायक निर्वाचन अधिकारी का जिम्मा महिला को दिया गया। इस हिसाब से इस अभियान के लिए 50 प्रतिशत डीआरओ और एआरओ महिलाएं थीं। महिलाओं ने अपने को बड़ी तन्मयता से किया और परिणाम सामने है। 

महिला सदस्यों की संख्या में दस प्रतिशत की बढ़ोतरी

राजद अपने सदस्यता अभियान से जुड़े आंकड़े का विश्लेषण कर रहा है। यह बात सामने आई है कि महिला सदस्यों की संख्या में दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।