अभी अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है लेकिन इसी बीच अयोध्या से करीब 300 किलोमीटर की दूरी पर बिहार में एक भव्य विराट रामायण मंदिर का भी निर्माण हो रहा है। यह अपने आप में बहुत ही खास है क्योंकि इसी विराट रामायण मंदिर को बनाने में दिल्ली में संसद भवन बनाने वाले मदद करने वाले हैं।

दरअसल आपको बता दूं कि बिहार के नेपाल बॉर्डर पर स्थित चंपारण के केसरिया में इस भव्य रामायण मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, और इस मंदिर को बनाने में उन्हीं विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी जो विशेषज्ञ दिल्ली के संसद भवन का निर्माण करा रहे हैं।

वही यह भव्य विराट रामायण मंदिर इतना खास होगा और इतना शानदार होगा कि इसका निर्माण के बाद यह मंदिर ढाई सौ साल से ज्यादा सालो तक खड़ा रहेगा, यह मंदिर ज्यादा टिकाऊ इस लिए होगा होगा क्योंकि इस मंदिर के बनाने में एक विशेष किस्म की स्टील का प्रयोग किया जाएगा। मंदिर के बाहरी परिसर का काम अभी फिलहाल चल रहा है मुख्य मंदिर के निर्माण की तैयारी भी अपने अंतिम चरण में है।

उधर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के पूर्व महानिदेशक विनीत कुमार जायसवाल को विराट रामायण मंदिर का परामर्श बनाया गया है। उन्हीं की देखरेख में राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा विराट रामायण मंदिर की बात की जाए तो विराट रामायण मंदिर की ऊंचाई करीब 270 फीट होगा लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट होगी। पूर्वी चंपारण के केसरिया के निकट निर्माणाधीन विराट रामायण मन्दिर 100 एकड़ क्षेत्रफल में फैला है।

अयोध्या से जनकपुर तक स्वीकृत राम-जानकी मार्ग मन्दिर को स्पर्श कर गुजर रहा है। बिहार की सीमा में दो लेन के पूर्व प्रस्तावित धार्मिक महत्व की इस सड़क को पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन के अनुरोध पर केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में फोर लेन किए जाने की स्वीकृति दी है।