पटनाः उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते रविवार को फिर दोहराया कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। कहा जा रहा है कि इसके बाद यूपी में भी कॉमन सिविल कोड लागू किया जाएगा। सवाल है कि क्या बिहार में भी कुछ ऐसा ही होने वाला है? इसको लेकर जेडीयू की राय अलग है।

जेडीयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने कहा कि बिहार में सब लोगों को मालूम है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के नेतृत्व में हर तरह से सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है। किसी तरह की समस्या नहीं है कि उसके निदान के लिए कुछ नई बात की जाए। उपेंद्र कुशवाहा ने सवालिया अंदाज में कहा कि बिहार में कॉमन सिविल कोड आखिर क्यों लागू होगा? उन्होंने कहा कि इसका सवाल ही नहीं उठता है। बिहार के लोग मिलजुलकर रह रहे हैं। इसलिए कहीं से यह प्रश्न नहीं उठता है।

जो चल रहा है वो बेहतर है: उपेंद्र कुशवाहा

एक सवाल पर कि बीजेपी के लोग कह रहे हैं कि एक जैसा कानून हो तो क्या दिक्कत है। इसपर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हिंदुस्तान तो विभिन्नताओं से भरा हुआ देश है। विस्तृत रहन-सहन, खान-पान जो रही है हमारी इसके आधार पर जो हमारी संस्कृति बनती है वही हमारे हिंदुस्तान की संस्कृति है। यही हमारी खूबसूरती है. इस खूबसूरती को बिगाड़ने का क्या काम है? मुझे नहीं लगता है कि इसमें किसी छेड़छाड़ की जरूरत है. जब छेड़छाड़ की जरूरत नहीं है। ऐसे में जो चल रहा है वो बेहतर है।