पटना. बिहार के गोपालगंज और मोकामा विधान सभा सीट पर उपचुनाव होने वाला है. यहां सीधा मुकाबला महागठबंधन और भाजपा के बीच में है और इसे लेकर सूबे की सियासत गर्म है. मगर इस चुनाव पर नजर टिकने की बड़ी वजह तेजस्वी यादव का वह दावा भी जिसमें उन्होंने A TO Z की सियासत की बात कही है. दूसरी ओर राजद के दोनों सवर्ण मंत्रियों के नीतीश कुमार की कैबिनेट से इस्तीफे के बहाने भाजपा उनके दावे पर सवाल खड़े कर रही है.

बता दें कि गोपालगंज और मोकामा से दोनों ही पक्षों के उम्मीदवारों ने नामांकन कर दिए हैं और दोनों पक्ष अपनी जीत का दावा भी कर रहे हैं. लेकिन इस चुनाव परिणाम से एक और समीकरण सामने आ सकता है जो राजद के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है. दरअसल, राजद को पहले ‘MY’ यानी मुस्लिम-यादव समीकरण की पार्टी माना जाता था. लेकिन, तेजस्वी ने बड़ी राजनीति करते हुए दिल्ली में एक बार फिर से ये एलान किया है कि राजद सभी जाति और धर्म की पार्टी है. हालांकि, तेजस्वी यादव के A TO Z की राजनीति के दावे को सिरे से खारिज कर रही है.

भाजपा नेता रामेश्वर चौरसिया कहते हैं कि दोनों सीटों के परिणामों से ये साफ हो जाएगा कि सिर्फ दावे से कुछ नहीं होता है क्योंकि तेजस्वी यादव का असली चेहरा सामने आ गया है. वो भले ही A TO Z की बात करें, लेकिन उनकी पार्टी ने सवर्ण मंत्रियों के साथ अन्याय किया है, और जगदानंद सिंह के साथ क्या कर रहे हैं; इसे जनता देख रही है. यही नहीं अति पिछड़ा समाज के साथ निकाय चुनाव पर रोक लगा कर साफ कर दिया है कि ये लोग किसी भी जाति के हितैषी नहीं हैं.

दरअसल, भाजपा तेजस्वी यादव के A TO Z के दावे पर जो सवाल खड़े कर रही है उसके पीछे हाल के दिनों में राजद में घटी दो घटनाओं का हवाला दे रही है. पहला सुधाकर सिंह का कृषि मंत्री पद से इस्तीफा और दूसरा कुछ दिन पहले लॉ मिनिस्टर कार्तिक सिंह का इस्तीफा. ये दोनों मंत्री सवर्ण समुदाय से आते हैं. इसके बहाने भाजपा तेजस्वी के दावे पर सवाल खड़े कर रही है.

दूसरी ओर भाजपा के सवाल खड़े करने पर राजद भी भाजपा पर पलटवार कर रही है. JDU ये कह कर राजद के समर्थन में खड़ा दिख रह है कि मुकाबला भाजपा का महागठबंधन से है न कि किसी एक पार्टी से. राजद के प्रवक्ता शक्ति यादव कहते हैं कि परिणाम आने दीजिए, सब साफ हो जाएगा. हम सिर्फ दावा नहीं कर रहे हैं; बल्कि इरादा भी रखते हैं. समाज की सभी जातियों और धर्मों को लेकर चलते हैं. शायद इसी से भाजपा घबरा रही है. गोपालगंज में जो उम्मीदवार राजद न उतारा है उसने भाजपा की नींद उड़ा दी है.

JDU के प्रवक्ता अरविंद निषाद कहते हैं कि महागठबंधन को समीकरण की राजनीति नहीं करती है वो समाज में सबको साथ लेकर चलती है. दोनों सीटों पर जो उपचुनाव हो रहा है वो महागठबंधन चुनाव लड़ रहा है न कि कोई एक पार्टी. इसलिए जीत महागठबंधन की ही होगी.

यहां यह बता दें कि राजद ने दोनों सीट में से एक पर सवर्ण उम्मीदवार और दूसरे पर वैश्य उम्मीदवार उतारा है. ये भाजपा के समर्थक वोटर माने जाते रहे हैं. अगर, तेजस्वी यादव ने ये दोनों सीट अपने पाले में करने में सफल हो गए तो उनके A TO Z के दावे पर मुहर लग जाएगी. भाजपा के लिए खतरे के संकेत हो सकते हैं. वहीं, अगर भाजपा को जीत मिलती है तो तेजस्वी यादव अपने A TO Z समीकरण को अपने पाले में करने के लिए नई जुगत लगाने में जुटना होगा क्योंकि उन्हें अभी लंबी राजनीति करनी है.