बरौनी खाद फैक्ट्री में 8388 करोड़ रुपए की लागत से इसी वर्ष अगस्त माह तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। मंगलवार को राज्यसभा में बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री भगवंत खूबा ने जानकारी दी कि बिहार के बरौनी में बन रहे यूरिया फैक्ट्री की कुल लागत 8388 करोड़ रुपए है। इसमें से 75 फीसद राशि खर्च की जा चुकी है।

इसी साल अगस्त तक फैक्ट्री शुरू होने की उम्मीद है। सुशील कुमार मोदी के एक और सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि देश भर में नैनो यूरिया के 6 प्रदेशों में आठ जगहों पर फैक्ट्री खुल रहे हैं। यहां सालाना 48 करोड़ बोतल यानी 500 मिलीलीटर उत्पादन होगा। बिहार के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में बिहार में नैनो यूरिया फैक्ट्री लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

बेगूसराय के सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बीते दिनों ही बरौनी फर्टिलाइजर का मुआयना किया। बरौनी खार फैक्ट्री की कैपेसिटी 1.27 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। पहले मार्च 2021 फिर फिर इसी साल के नवंबर में उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था। मगर, दोनों बाहर कच्चा माल की आपूर्ति की कमी और कोरोना के चलते समय से काम पूरा नहीं हो सका। अब पुन: उम्मीद जगी है। इसी साल के अगस्त से बरौनी खाद फैक्ट्री से यूरिया का उत्पादन होगा और बाजार में सप्लाई होगा।

बरौनी फैक्ट्री से यूरिया उत्पादन शुरू होने से किसानों को खूब लाभ मिलने की उम्मीद है। सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि अभी तक बरौनी फर्टिलाइजर में लालू यादव और दूसरे लोगों ने सिला पट्ट लगाने का काम किया है, मगर आज तक फैक्ट्री शुरू नहीं हो पाया। अब देश की मोदी सरकार ने इसे न केवल आधारशिला रखी, बल्कि अब लोकार्पण होने के करीब पहुंच गया है।