भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की परीक्षा में बेगूसराय के छात्र रोहित रंजन ने 99.96 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. उन्‍होंने बिहार की राजधानी पटना में रहकर आईसीएआर परीक्षा की तैयारी थी. वहीं, रोहित रंजन के माता-पिता का सपना है कि उनका बेटा आगे चलकर कृषि वैज्ञानिक बने. हालांकि रोहित के दादा डॉ. अवधेश कुमार सिंह कृषि क्षेत्र से ही जुड़े थे और वे कृषि वैज्ञानिक के पद से रिटायर्ड हुए हैं.

इसके अलावा रोहित रंजन के पिता भी इसी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं. इस वजह से वह बचपन से इस ओर आकर्षित हो गए और कृषि वैज्ञानिक बनने की पढ़ाई करने लगे. वहीं, रोहित ने न्‍यूज़ 18 लोकल से बात करते हुए कहा कि आईसीएआर की परीक्षा में बेहतर अंक मिलने से वह खुश हैं. साथ ही बताया कि अपने दादा और पिता की वजह से वह इस ओर आकर्षित हुए हैं. उन्‍होंने मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद कृषि वैज्ञानिक का लक्ष्य मानकर तैयारी की थी.

ऊंचे मुकाम पर अपने बेटे को देखना चाहती है मां
रोहित रंजन के पिता चिन्मय परासर ने बताया कि वह अपने बेटे को कृषि वैज्ञानिक के रूप में देखना चाहते हैं. इसके लिए बेटे को हर सुविधा मुहैया करा रहे हैं. मेरी यही कामना है कि जिले के सभी छात्र पढ़ाई कर जिले का नाम रोशन करें. वहीं, रोहित की माता सीमा कुमारी ने कहा कि गांव में रहकर बेटे ने पढ़ाई की है और वह आगे बढ़ रहा है. यह उनके लिए खुशी का पल है. अपने बच्चे को बहुत ऊंचे मुकाम पर देखना चाहती हूं.

कृषि विभाग के कार्यों से जुड़ा है पूरा परिवार
दरअसल, बेगूसराय के खोदावंदपुर प्रखंड के मेघोल गांव में रहने वाले रोहित रंजन के दादाजी अवधेश कुमार सिंह अवकाश प्राप्त कृषि वैज्ञानिक हैं. वहीं, पिताजी चिन्मय परासर कृषि समन्वयक हैं. शिक्षित परिवार में जन्मे और कृषि से जुड़े कार्यों के माहौल के बीच पले बढ़े रोहित रंजन ने अपनी 10वीं की पढ़ाई एसडीएसवीएम बटहा से, तो 12वीं एमआरजेडी कॉलेज मेघौल से की है. इसके बाद वह पटना में रहकर तैयारी कर रहे थे. वहीं, रोहित का सपना अपने दादाजी की तरह कृषि वैज्ञानिक बनने का है.