इस वर्ष बिहार बोर्ड (BSEB) प्रदेश में 1525 केंद्रों पर मैट्रिक की परीक्षा (Matric Exam) लेगा। इन केंद्रों पर राज्यभर के कुल 16 लाख, 48 हजार, 894 परीक्षार्थी शामिल होंगे। बिहार बोर्ड की ओर से मैट्रिक परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली गई है। 17 फरवरी से मैट्रिक की परीक्षा शुरू हो जाएगी, जो 24 फरवरी तक चलेगी। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से मैट्रिक परीक्षा की तैयारी जोर-शोर से शुरू हो गई है। 

सभी परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र जारी 

बिहार बोर्ड ने मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। बोर्ड द्वारा जारी प्रवेश पत्र 16 तक वेबसाइट पर रहेगा। वहां से स्कूलों के प्राचार्य प्रवेशपत्र डाउनलोड कर अपने हस्ताक्षर और मुहर के साथ परीक्षार्थियों को मुहैया करायेंगे। बोर्ड ने वैसे परीक्षार्थियों का भी प्रवेश पत्र जारी कर दिया है, जिन्होंने बोर्ड परीक्षा का पंजीयन शुल्क जमा नहीं किया है। 

जूता-मोजा पहनकर परीक्षार्थी देंगे परीक्षा

बिहार बोर्ड ने इस वर्ष सभी परीक्षाथिर्यों, अभिभावकों एवं परीक्षा केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया है कि मैट्रिक परीक्षा जूता-मोजा पहनकर दी जा सकती है। यह निर्णय बोर्ड ने राज्य में जारी ठंड के मद्देनजर लिया है। लेकिन किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में मोबाइल लेकर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वीक्षकों को भी परीक्षा केंद्र में मोबाइल रखने की अनुमति नहीं होगी। 

कोरोना गाइडलाइन का होगा पालन

मैट्रिक परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों पर कोराना गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों को निर्देश दिया है कि वे मास्क लगाकर ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचेंगे। वैसे परीक्षा केंद्रों पर भी मास्क की व्यवस्था होगी। अगर कोई परीक्षार्थी या वीक्षक किसी कारणवश मास्क लगाकर नहीं आए तो उन्हें परीक्षा केंद्रों पर यह मुहैया कराया जायेगा। 

पांच मार्च से होगी कापियों की जांच

आगामी पांच मार्च से मैट्रिक की कापियों का मूल्यांकन किया जाएगा। मैट्रिक की कापियों का मूल्याकंन 17 मार्च तक चलेगा। सरकार के निर्देश पर जिला मुख्यालयों में ही मूल्यांकन केंद्र बनाये जाएंगे। प्रत्येक मूल्यांकन केंद्र पर 100 से 250 परीक्षक तैनात किए जाएंगे।