नीतीश सरकार ने एक बार फिर बड़े स्तर पर ‘बिहार दिवस’ मनाने का फैसला किया है. दरअसल, महामारी कोरोना के कारण इस आयोजन पर रोक लगा दी गई थी लेकिन इस साल बिहार दिवस का कार्यक्रम भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा. शिक्षा विभाग के द्वारा कोरोना  से पहले यह कार्यक्रम पिछले कई वर्षों से मनाया जाता था.

इस बार भी शिक्षा विभाग ने विशेष तैयारी की है. विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी का कहना है कि पहले जिस तरीके से बिहार दिवस मनाया जाता रहा है, इस बार भी 22 मार्च को बड़े स्तर पर बिहार दिवस कार्यक्रम मनाया जाएगा. पटना के गांधी मैदान में कार्यक्रम का आयोजन होगा.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण सांकेतिक रूप से बिहार दिवस (Bihar Diwas)  मनाया जा रहा था. इस बार कोरोना नियंत्रण में है, इसलिए पुराने उत्साह के साथ शानदार ढंग से बिहार दिवस का आयोजन किया जाएगा. इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमारने भी अपनी सहमति दे दी है. 22 मार्च को सभी बिहारवासियों के लिए गर्व का दिवस है. इसी दिन बिहार का जन्म हुआ था. देश दुनिया में रहने वाले बिहार के लोग इस दिवस के आयोजन में शामिल होंगे . शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने देशभर के लोगों से अपील किया है कि जहां भी बिहार के लोग रह रहे हैं वह अपने-अपने स्तर से भी बिहार दिवस मनाएं.

बिहार दिवस की शुरुआत

अंग्रेजों ने बिहार को अलग प्रांत के रुप में 22 मार्च 1912 को नोटिफाई किया था. इसके आधार पर नीतीश सरकार ने 22 मार्च को बिहार दिवस मनाना निश्चित किया. वर्ष 2010 में पहली बार पटना के गांधी मैदान में भव्य बिहार दिवस मनाकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई. वर्ष 2012 में 100 साल पूरे होने पर बिहार दिवस खास तरीके से आयोजित किया गया था. लेकिन इधर कोरोना संकट की वजह से बिहार दिवस का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा रहा था.