पटना: बिहार में शराबबंदी कानून (liquor prohibition law in bihar) को पूरे तौर पर लागू कराने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। इसके लिए नये-नये तरीके अपनाये जा रहे हैं। अवैध शराब की रिकवरी में ड्रोन का इस्तेमाल (Use of Drones in Alcohol Recovery) किया जा रहा है।इसमें काफी सफलता मिल रही है। शराब की बरामदगी में भारी इजाफा हुआ है। विभाग ने पहले चरण में ड्रोन कैमरों की मदद से ऑपरेशन ‘सर्च एंड डेस्ट्राॅय’ चलाया. इसके तहत बड़ी संख्या में देशी शराब के अड्डों की पहचान कर उनको ध्वस्त किया गया। गिरफ्तारियां भी हो रही है।

ड्रोन की मदद से देशी शराब के अड्डों को ध्वस्त करने में मिल रही सफलता को देख कर मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग अत्यंत उत्साहित है। ड्रोन कैमरों की मदद से ‘सर्च एंड डेस्ट्राॅय’ ऑपरेशन चलाया। इसमें बड़ी संख्या में देशी शराब के अड्डों की पहचान कर उनको ध्वस्त किया गया। अब अभियान के दूसरे चरण में ‘सर्च एंड अरेस्ट’ ऑपरेशन (Search and arrest operation in Bihar) पर फोकस किया जा रहा है।इसमें उन लोगों को चिह्नित कर गिरफ्तार किया जायेगा जिन्होंने शराब के अड्डे ध्वस्त होने के बाद उसे दोबारा लगाया। इसके लिए सभी जिलों के मद्य निषेध अधीक्षकों को विशेष निर्देश दिया गया है।

आयुक्त ने बताया कि होली को लेकर शराब कारोबारियों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए गश्ती बढ़ा दी गयी है। सभी जिलों में एंटी लीकर टास्क फोर्स के अलावा दोपहिया वाहनों से भी गश्ती होगी। राज्य के पांच चेक पोस्टों पर चलंत फुल बॉडी ट्रक स्कैनर से गाड़ियों की जांच की व्यवस्था की जा रही है। नदी, जंगल, सड़क और शहरी इलाकों में सघन गश्ती अभियान चलाने के लिए आवश्यक वाहन और फोर्स की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही नाइटविजन ड्रोन्स से रात में भी गश्ती होगी ताकि इन शराब कारोबारियों को जड़ जमाने का मौका नहीं मिले।