3 फरवरी की शाम ओवैसी मेरठ और किठौर में रोड शो करने के बाद दिल्ली लौट रहे थे लेकिन जब उनकी कार टोल प्लाजा पर पहुंची तो वहां मौजूद दो युवकों ने युवको ने बड़ा मामला कर दिया। ओवैसी ने खुद पर हुए हम ले की जानकारी ट्वीट करके दी थी। यहां कार के आगे खड़े एक आ रोपी को ओवैसी की कार चलाने वाले ने टक्कर मार दी, जिससे वो वहीं गिर गया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। वहीं दूसरे आ रोपी को लेकर बताया गया कि उसने गाजियाबाद के एक थाने में जाकर खुद ही सरें डर कर दिया।

सम्राट चौधरी ने कहा कि जब भारत सरकार ने तय किया कि उनको जेड कैटेगरी की सुरक्षा दी जाएगी, तब वे बुलेट प्रूफ गाड़ी के लिए नाटक कर रहे हैं। ये अपने आप में लगता है कि वह नाटक कर रहे हैं। ओवैसी पर कोई हम ला नहीं कर सकता है। उन्होंने सुरक्षा के लिए खुद ही अपने ऊपर हम ला करवा लिया है।

इस घटना के बाद ओवैसी ने कहा था कि ये बड़ी साजिश हो सकती है। सिर्फ दो लोग ऐसी घटना को अंजाम नहीं दे सकते। इसके पीछे बड़ी ताकतें हो सकती हैं। ओवैसी ने हरिद्वार समेत दूसरे जगहों पर हुए धर्म संसद औऱ उनमें दिये गये भाषणों का भी जिक्र किया था। हालांकि ओवैसी की कार पर हम ले के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा देने का एलान किया था लेकिन ओवैसी ने सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया था।

उन्होंने कहा कि ना डर ने वाला हूं, ना सिक्योरिटी लेने वाला हूं। अपना चुनाव प्रचार जारी रखूंगा। अगर किसी माई के लाल में दम है तो मार के दिखाए मुझे। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर वह दिल्ली में अपने लिए बुलेट प्रूफ गाड़ी की मांग करेंगे। साथ ही वह एक लॉक हथियार रखकर सावधानी बरतेंगे। उसकी भी परमिशन सरकार से मांगेंगे, लेकिन सरकार की सुरक्षा नहीं लेंगे।

इस वारदात में शामिल दो आरो पियों गोतमबुद्ध नगर के सचिन (sachin) और देवबंद, सहारनपुर निवासी शुभम को हापुड़ पुलिस ने गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि सचिन असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी के नेताओं के भाषणों को लेकर नाराज था। इसलिए पिछले कई दिनों से ओवैसी पर हम ले की प्लानिंग कर रहा था। ये दोनों मेरठ में ओवैसी की सभा में भी मौजूद थे।