बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश के बाढ़ के लिए बड़ा एलान करते हुए इसे नए जिले का दर्जा देने की घोषणा की है। बाढ़ लोकसभा क्षेत्र से पांच बार सांसद रहे नीतीश कुमार रविवार को यहां पहुंचे थे। यहां वह पुरानी बातों को याद कर रहे थे, इसी दौरान बाढ़ को जिला बनाने की बात चली तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से इसका एलान कर दिया। 

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब उम्मीद बढ़ गई है कि राज्य की अगली कैबिनेट बैठक में बाढ़ को जिला घोषित कर दिया जाएगा। चर्चा यह भी है कि बगहा को भी अलग जिला बनाया जा सकता है। साल 2008 कर बाढ़ लोकसभा क्षेत्र था। नालंदा जिले के चंडी और हरनौत विधानसभा क्षेत्र भी इसी के तहत आते थे।

परिसीमन में लोकसभा से बन गया था विधानसभा क्षेत्र
लेकिन, साल 2008 के परिसीमन में बाढ़ को विधानसभा क्षेत्र बना दिया गया। बाढ़ को जिला बनाने की मांग नई नहीं है। इसकी शुरुआत 70 के दशक में हुई थी। मार्च 1991 में इसे संयुक्त बिहार का 51वां जिला बनाने का एलान किया गया था। एक अप्रैल को तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद प्रसाद ने इसका आधिकारिक उद्घाटन भी कर दिया था। लेकिन, अगले ही दिन यह फैसला रद्द कर दिया गया था। 

लोगों ने दोहराई मांग तो सीएम नीतीश ने दिया आश्वासन
रविवार को नीतीश कुमार जब बाढ़ पहुंचे तो लोगों ने उनके सामने इस मांग को दोहराया। उन लोगों को आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही बाढ़ को जिला घोषित किया जाएगा। नीतीश कुमार साल 1989 में पहली बार बाढ़ से ही सांसद बने थे। साल 1999 तक वह यहां से लगातार जीते थे। साल 2004 के चुनाव में वह हारे थे लेकिन अगले ही साल मुख्यमंत्री बन गए थे।