एक तरफ जहां समाज आज भी बेटियों को बेटे के मुकाबले कम आंकता है. वहीं, दूसरी तरफ बेटियों ने भी बेड़ियों को तोड़कर आगे बढ़ना सीख लिया है. अब वे हर क्षेत्र में अपने नाम का झंडा बुलंद कर रही हैं. ऐसी ही एक बिहार की बेटी है, जिसने देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपने नाम का डंका बजाया है. फुलवारी शरीफ के इशोपुर की रहने वाली अंजलि यादव को अमेरिका में सम्मानित किया जाएगा. अंजलि प्रोस्टेट कैंसर में ग्लोबल स्कॉलर अवॉर्ड के लिए चुनी गई हैं. इस खबर को सुनने के बाद परिवार और क्षेत्र में खुशी की लहर है.

अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ कैंसर रिसर्च के वर्ष 2022 के प्रतिष्ठित ग्लोबल स्कॉलर अवार्ड के लिए चुने जाने के बाद अंजलि के ससुरालवाले भी काफी खुश हैं. पूरे इशोपुर के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. अंजलि यादव के ससुर सत्येन्द्र प्रसाद बताते हैं कि बहू की इस उपलब्धि पर हम बिहारवासियों को गर्व है. बता दें कि यह अवॉर्ड विश्व के दस युवा वैज्ञानिकों को प्रोस्टेट कैंसर से संबंधित उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए दिया जाता है.

1 फरवरी को घोषित इस पुरस्कार के लिए भारत से अंजलि यादव को चुना गया है. विजेताओं को अमेरिकन कैंसर एसोसिएशन द्वारा अप्रैल में कराए जा रहे सम्मेलन शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है. इनका पूरा खर्च एसोसिएशन ही वहन करेगी. यह सम्मेलन न्यू ऑर्लिंस लूसियना, अमेरिका में आयोजित होने जा रहा है. इसमें दुनिया के कई देशों के वरिष्ठ और युवा वैज्ञानिक भाग लेने के लिए पहुचेंगे.

अंजलि यादव मूलतः देवरिया, उत्तर प्रदेश की निवासी हैं, जिनकी शादी साल 2019 में फुलवारी शरीफ के इसोपुर रायचौक निवासी सत्येंद्र प्रसाद के बेटे मुकेश कुमार से हुई. मुकेश कुमार भी न्यूयॉर्क के कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में मस्तिष्क संबंधी बीमारी पर शोधरत हैं. अंजलि वर्तमान में आईआईटी कानपुर पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर पर शोध कर रही हैं. उनके शोध से प्रोस्टेट कैंसर जैसी घातक बीमारी को रोकने में मदद मिलेगी. इससे पहले भी साल 2017 में वह अपना शोध पत्र अमेरिका के ही ऑलैंडो शहर में हुए विश्व सम्मेलन में प्रस्तुत कर चुकी हैं.