ऐसा देखने में आता है कि फल्गु नदी में केवल बरसात और उसके लिए कुछ महीनों बाद ही पानी दिखाई देता है। वर्ष के कई महीनों में फल्गु सूखी रहती है तथा इसमें नाले का पानी बहता है। पितृपक्ष मेले के लिए पूरी दुनिया भर से हिंदू श्रद्धालु यहां पर पिंडदान करने आते हैं लेकिन पानी की कमी से उन्हें काफी परेशानी होती है। इसके लिए बिहार सरकार ने एक नई तरकीब निकाली है। इसके लिए अब यहां पर रबर डैम का निर्माण किया जा रहा है।

हर समय उपलब्ध रहेगा 2 फीट पानी

जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा कि फल्गु नदी में लीन पीरियड में भी कम से कम दो फीट पानी रखने की व्यवस्था हो रही है। उन्होंने कहा कि फल्गु नदी में सतही जल का प्रवाह मानसून अवधि के कुछ भाग को छोड़कर प्राय: नगण्य रहता है। इस कारण श्रद्धालुओं को तर्पण एवं पिंडदान करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जल संसाधन विभाग इसके निदान के लिए विष्णुपद मंदिर के निकट फल्गु नदी में लीन पीरियड में भी कम से कम 2 फीट जल संचयन के लिए रबर डैम का निर्माण करा रहा है।

फुटओवर ब्रिज, बोरवेल सहित कई सुविधाओं का होगा विकास

बता दें कि बायें एवं दायें तट को जोड़ने एवं आवागमन के दृष्टिकोण से रबर डैम के ऊपर फुट ओवर ब्रिज, तट सुरक्षात्मक कार्य, घाट एवं बोरवेल का निर्माण कराया जा रहा है। उम्मीद है यह काम इसी साल पूरा हो जाएगा। कहा कि नदी में गिरने वाले पानी के ट्रीटमेंट का भी अनुरोध किया गया है।

गया शहरी क्षेत्र के मनसरवा नाला एवं अन्य नाला का सीवेज विष्णुपद मंदिर के अपस्ट्रीम में फल्गु नदी में गिरता है। गया के जिला पदाधिकारी व प्रधान नगर विकास सचिव तथा बुडकों के प्रबंध निदेशक को नाले के पानी को फल्गु नदी में प्रवाहित नहीं कर वहां बनने वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर ले जाने का निर्देश दिया गया है।