पटना में स्थित बिहार का सबसे बड़ा श्रीराधा बांके बिहारी इस्कॉन मंदिर मंगलवार से श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया. राजधानी पटना के बुद्धमार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया. इस मौके पर बिहार के राज्यपाल, समेत कई मंत्री मौजूद रहे. अक्षय तृतीया के मौके पर श्रीराधा बांके बिहारी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद मूर्तियां स्थापित की गईं. मंदिर में राधे-बांके बिहारी, ललिता व विशाखा के साथ, राम दरबार में राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के विग्रह (मूर्ति) स्थापित किए गए हैं.

बिहार की राजधानी पटना के बुद्धमार्ग में 100 करोड़ की लागत से यह इस्कॉन मंदिर बना है. दो एकड़ क्षेत्र में फैले इस मंदिर की ऊंचाई 108 फीट है. श्रीराधा बांके बिहारी इस्कॉन मंदिर लगभग 12 साल में बनकर तैयार हुआ है. इस मंदिर में 84 कमरे और 84 पिलर बनाए गए हैं. यह बिहार का पहला और देश का चौथा इस्कॉन मंदिर है. पटना में इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष कृष्णा कृपादास ने बताया कि साल 2007 में मंदिर का भूमिपूजन किया गया था. उस समय कार्यक्रम में देश विदेश से भारी संख्या में कृष्ण भक्त शामिल हुए थे. मंदिर निर्माण का काम 2010 में शुरू किया गया था. भक्तों की मांग पर मंदिर को शहर के बीच में बनाया गया है. इस मंदिर का निर्माण पटना के बुद्धमार्ग पर किया गया है. इतने बड़े मंदिर को तैयार करने में तकरीबन 100 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई है.

इस्कॉन नेशनल कम्युनिकेशन के अध्यक्ष सह इस्कॉन नई दिल्ली के उपाध्यक्ष व्रजेन्द्र नंदन दास ने कहा कि इस्कॉन का अगला लक्ष्य बिहार के प्रत्येक जिले में इस्कॉन के छोटे मंदिरों की स्थापना करना है. संगठन अब छोटे शहरों के साथ-साथ गांवों की तरफ जाने की सोच भी रखता है. वहीं उन्होंने कहा कि मेरे गुरु ने अपने प्रवचन में कहा कि जब नौकरी करना ही है तो दास का क्यों किया जाए, प्रभु की ही चाकरी क्यों नहीं करते. उनके इस बात के बाद मैंने 13 अगस्त 1984 में इस्कॉन से नाता जोड़ा. इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा.

बता दें कि पटना के इस्कॉन मंदिर का निर्माण ऐतिहासिक द्वारिकाधीश मंदिर की तर्ज पर किया गया है. मंदिर में प्रसाद तैयार करने के लिए मॉडर्न किचन बनाया गया है. वहीं मंदिर में प्रसाद ग्रहण करने के लिए एक हॉल बनाया गया है. हॉल में लगभग एक हजार श्रद्धालुओं के बैठकर प्रसाद ग्रहण करने की व्यवस्था हैं. मंदिर परिसर में गोविंदा रेस्टोरेंट भी बनाया गया है. जहां लोगों को शुद्ध शाकाहारी भोजन मिलेगा. मंदिर में अतिथियों के ठहरने के लिए करीब 70 रूम बनाए गए हैं. मंदिर में 300 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था है. सुरक्षा के लिए 500 से जायादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.