बांका जिले के चांदन प्रखंड अंतर्गत उतरी वारने पंचायत अंतर्गत मुथरा गांव आज जिले का बड़ा अंडा उत्पादक केंद्र बन गया है. यहां प्रतिदिन 6500-7000 अंडे का उत्पादन होता है. यह कमाल कर दिखाया है मथुरा गांव की महिला उद्यमी रेखा सोरेन ने. रेखा सोरेन ने न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया, बल्कि योजना की राशि को तय मापदंड के अनुसार खर्च कर आज जिले का सबसे बड़ा लेयर मुर्गी फार्मिंग का उद्योग स्थापित कर लिया है. महिला उद्यमी का यह कारोबार मथुरा लेयर मुर्गी फार्म के नाम से जाना जाता है.

प्रतिदिन 30-35 हजार रुपये की बिक्री

जानकारी के मुताबिक केवल मुर्गी का अंडा थोक मात्रा में सप्लाइ कर रेखा सोरेन का व्यवसाय प्रतिदिन 30-35 हजार रुपये की बिक्री कर लेती हैं. इसमें खर्च काटकर 12 से 15 हजार रुपया प्रतिदिन कमा रही हैं. इस हिसाब से अति पिछड़ा जिला में शुमार बांका जिले का एक पहाड़ी व पठारी इलाके की महिला अपने स्वरोजगार से प्रति माह साढ़े चार लाख रुपये कमाती है.

स्काईलार बोवर्ड किस्म की मुर्गियां

मथुरा फार्म में करीब 7000 मुर्गियां है. महिला उद्यमी के अनुसार ये सभी मुर्गियां खासतौर पर अंडा देने के लिए ही तैयार की गयी है. एक मुर्गी अधिकतम डेढ़ साल में 340 अंडे दे सकती है. इसके बाद इस प्रजाति की मुर्गियां पुनः रिप्लेस कर यहां पाली जाती है. यह मुर्गियां स्काईलार बोवर्ड किस्म की होती है, जिसका चूजा हजारीबाग व पूर्णिया से लाया जाता है.

कोविड काल में शुरू किया था यह स्वरोजगार

रेखा सोरेन का भारत सरकार के पशुपालन विभाग व सीआइआइ के तहत समेकित मुर्गी पालन के तहत इस स्वरोजगार के लिए वर्ष 2016 में शुरू किया. इस योजना के तहत रेखा को भारत सरकार की ओर से 50 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग दिया गया. इसमें 19 लाख 20 हजार अनुदान था. रेखा का यह कार्य ठीक 2020 में कोराना काल की बंदी के समय ही प्रारंभ हुआ. वह बताती हैं कि जिस दिन बंदी लगा था, उसी दिन उनके यहां पहला चूजा भी आया था. उद्यमी की इस कामयाबी के बाद अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वह जिला में सम्मानित भी हो चुकी हैं. वहीं आजादी के 75वां अमृत महोत्सव के तहत दिल्ली में 1 जून 2022 को आयोजित पीएम स्टार्टअप के 75 महिला उद्यमी में भी वह शामिल थी.

जल्द फीड मिल होगा स्थापित, अन्य जगह होगी आपूर्ति

रेखा सोरेन आगे इस व्यवसाय को और भी विकसित करने की तैयारी में जुट गयी हैं. करीब एक एकड़ 36 डिसमिल में फैले इस फार्म में जल्द ही फीड मिल स्थापित किया जायेगा. इसका लाखों की लागत का संयंत्र पंजाब से लाया जा चुका है. यहां एक टन प्रतिदिन मुर्गी दाना का उत्पादन होगा. यह फीड मक्का, सोयाबीन व अन्य खाद्य पदार्थ से तैयार किया जायेगा. यह फीड स्वयं इस फार्म में खपत करने के अलावा बांका के अलग-अलग फार्म में भी आपूर्ति किया जायेगा. इसके अलावा अंडा उत्पादन के लिए भी विशेष रूप से वैज्ञानिक पद्धति के जरिये चूजा तैयार किया जाना है. इस तैयार चूजा के लिए हैचरी का भी निर्माण किया जायेगा.इसके अलावा मुर्गी के बीट से वर्मी कंपोस्ट भी तैयार किया जा रहा है. इससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा.

कहती हैं रेखा

मथुरा लेयर फार्म की प्रमुख रेखा सोरेन बताती हैं कि सरकारी योजना के तहत उन्होंने आवेदन किया, और अनुदानित राशि पर मथुरा में लेयर फार्म की शुरुआत की. आज इस उद्योग से स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में अंडा का उत्पादन किया जा रहा है. क्षेत्र के अन्य किसानों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है. कई किसान इस उद्योग की ओर मुखातिब हुए हैं.