बिहार का अब तक का सबसे आधुनिक तारामंडल दरभंगा में बन रहा है। इसका काम अंतिम चरण में है। मई 2022 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। इसका निर्माण बिहार सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से दरभंगा पॉलिटेक्निक की साढ़े तीन एकड़ जमीन पर हो रहा है। इसकी लागत 73 करोड़ 73 लाख 60 हजार 331 रुपये आएगी। इसके बन जाने से उत्तर बिहार के साथ-साथ नेपाल के छात्रों-युवाओं को भी ग्रहों और तारों की दुनिया नजदीक से देखने की सुविधा मिल जाएगी। यह तारामंडल पटना के बाद बिहार में दूसरा होगा।

एक ही परिसर में एक साथ विज्ञान संग्रहालय समेत कई भवनों का निर्माण
जानकार बताते हैं कि मिथिलांचल की नई पीढ़ी को पटना की बजाय दरभंगा स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के ग्राउंड में ही तारामंडल मिलेगा। यहां लोग विज्ञान से जुड़ी बातों की जानकारी ले सकेंगे। वहीं इसके निर्माण के पूरा होने के साथ पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। दरभंगा सहित इसके आसपास के गांव और शहरों के लोगों को रोजगार मिलेंगे। परिसर में बन रहा आडिटोरियम और प्लेनेटोरियम, मार्केट कॉम्प्लेक्स व रेस्टोरेंट से भी रोजगार सृजित होगा।

कई जिले के लोगों को होगा लाभ
बताया गया है कि तारामंडल का निर्माण पूरा हो जाने के बाद इसका लाभ दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, जयनगर, समस्तीपुर, पूर्णिया सहरसा सहित कई अन्य जिलों के लोगों को होगा। इसको लेकर लोगों में हर्ष है। लोग बताते हैं कि सरकार की यह पहल नायाब है।