लोजपा(LJP) के संस्थापक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान(Ramvilas Paswan) को मरणोपरांत पद्मभूषण(Padma Bhushan) पुरस्कार मिलेगा। उनके बदले उनके पुत्र एवं जमुई सांसद चिराग पासवान करेंगे मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में पद्म भूषण पुरस्कार रिसीव।

पद्म पुरस्कारों की घोषणा इस वर्ष 25 जनवरी को की गई थी। लोजपा के संस्थापक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान को इस साल हुए पद्म पुरस्कारों की घोषणा में शामिल किया गया था। कल यानी मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में 11 बजे अपराहन में उनके पुत्र एवं वर्तमान जमुई सांसद चिराग पासवान राष्ट्रपति से अपने पिता को मिलने वाले पद्म भूषण पुरस्कार को रिसीव करेंगे। बिहार पुत्र रामविलास पासवान को पद्म भूषण पुरस्कार मिलने पर लोजपा के कार्यकर्ताओं में बेहद ही खुशी है।

दिवंगत रामविलास पासवान भारतीय राजनीति में खासे लोकप्रिय थे। वे एक ऐसे लीडर थे जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान हर प्रधानमंत्री के साथ काम किया था। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में हाजीपुर से रिकॉर्ड मतों से जीतने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज था। पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान की छवि बेदाग थी। बिहार में भी वह काफी लोकप्रिय थे।