पटना: सोमवार को बिहार विधानसभा में बजट सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा (Speaker Vijay Sinha) और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के बीच हुई तीखी नोकझोंक को लेकर एक ओर जहां विपक्ष हमलावर है, वहीं सत्ता पक्ष अब सफाई देने में जुट गया है। हालांकि बीजेपी नेताओं में भी नाराजगी है लेकिन सीधे तौर पर सीएम की आलोचना से बच रहे हैं। उधर आरजेडी ने कहा कि मुख्यमंत्री को आसन से माफी मांगनी चाहिए।

बीजेपी विधायक ने बताया दु:खद:

बीजेपी विधायक हरि भूषण ठाकुर ने कहा कि ऐसी घटनाएं संसदीय प्रणाली में होती रहती है लेकिन इससे लोकतंत्र की गरिमा गिरती है। नेताओं को ऐसे आचरण से परहेज करना चाहिए। वहीं, बीजेपी विधायक नीतीश मिश्रा ने कहा कि सदन में आज जो कुछ हुआ, वह लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला था। जिस तरीके से आसन को अपमानित किया गया, वह स्वस्थ परंपरा नहीं है। मैं ऐसी घटना की तीखी भर्त्सना करता हूं।

बीजेपी-जेडीयू मंत्री की सफाई

सरकार में बीजेपी कोटे से मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि कुछ विवाद था लेकिन अब विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बातचीत के जरिए सुलझा लिया है। नितिन नवीन ने कहा कि होली के मौके पर ऐसी घटनाएं होती रहती है। वहीं, जेडीयू कोटे से मंत्री जमा खान ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से लखीसराय की घटना को बार-बार उठाया जा रहा था, जो ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आश्वासन दिया है कि जो कोई भी दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सीएम को माफी मांगनी चाहिए:

उधर, आरजेडी ने भी पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। पार्टी विधायक सुधाकर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संसदीय परंपरा को तार-तार किया है। इस घटना से लोकतंत्र शर्मसार हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आसन से माफी मांगनी चाहिए।

स्पीकर-सीएम में नोकझोंक:

दरअसल लखीसराय में विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा (Misbehavior with Speaker Vijay Sinha in Lakhisarai) के साथ हुए दुर्व्यवहार मामले को लेकर विपक्षी दलों और बीजेपी के विधायक लगातार सदन में हंगामा कर रहे हैं। ऐसे में सीएम ने कहा कि मामले में कार्रवाई की जा रही है। बार-बार इस तरह से इस मुद्दे को सदन में उठाना सही नहीं है। हम न किसी को फंसाते हैं और न किसी को बचाते हैं। विशेषाधिकार समिति जो रिपोर्ट पेश करेगी, हम उस पर जरूर विचार करेंगे और देखेंगे की कौन सा पक्ष सही है। इस दौरान सीएम और विधानसभा अध्यक्ष (Debate Between CM Nitish Kumar and Speaker Vijay Sinha ) के बीच तीखी बहस हुई।

आगबबूला हुए CM नीतीश:

सीएम ने इस दौरान सदन में कहा कि सिस्टम संविधान से चलता है। किसी भी क्राइम का रिपोर्ट कोर्ट में जाता है। सदन में नहीं जाता है। कृप्या करके ज्यादा मत करिए जो चीज जिस का अधिकार है उसको करने दीजिए। किसी तरह का भ्रम है तो बातचीत किया जाएगा। इस मामले को अकारण आगे बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है। आप संविधान देख लीजिए संविधान क्या कहता है।

विधानसभा अध्यक्ष बोले- ‘आप ही बता दीजिए कैसे चलता है सदन’:

वहीं सीएम के भड़कने के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि कुर्की जब्ती नहीं हुई है। इसका जवाब नहीं दिया जा सका। आप ही बता दें कि सदन कैसे चलेगा वैसे ही चलाएंगे। सदन में जब प्रश्न आया कि कुर्की जब्ती कब होगा उसी में एक मामला जोड़ा गया जिसमें सारे विधायकों ने तीन बार हंगामा किया। हमने आग्रह किया कि विशेषाधिकार कमेटी में मामला चल रहा है उसपर चर्चा नहीं होगी। मामला उठा कि आयोजनकर्ता व उद्घाटनकर्ता की आजतक अरेस्टिंग नहीं हुई है। इस मामले को सरकार क्यों गंभीरता से नहीं ली? पुलिस के द्वारा लखीसराय की घटना पर खानापूर्ति की जा रही है। जहां तक संविधान की बात है तो मुख्यमंत्री जी आप हमसे ज्यादा जानते हैं मैं आपसे सीखता हूं।