पटना: राजधानी पटना में तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद पटना एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो (Patna SSP Manavjit Singh Dhillon) की ओर से दिये गये बयान पर बिहार में घमासान मचा हुआ है। जिसमें उन्होंने एक तरीके से पीएफआई की आरएसएस से तुलना (Comparison between RSS and PFI) की थी। भारतीय जनता पार्टी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एसएसपी पर कार्रवाई की मांग की है. वहीं जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा (JDU Spokesperson Abhishek Jha) ने कहा कि सामाजिक सरोकार से जुड़े हुए आरएसएस जैसे संगठनों से आतंकी संगठनों की तुलना सही नहीं है। लेकिन एसएसपी ने जो बयान दिया है, वह पीएफआई के पकड़े गए अभियुक्तों के बातचीत के आधार पर है। वैसे पुलिस मुख्यालय की तरफ से स्पस्ष्टीकरण मांगा गया है। एसएसपी की ओर से जब स्पष्टीकरण दिया जाएगा तब सारी चीजें साफ हो जाएंगी।

“यदि इंटेलिजेंस फेल होता तो गिरफ्तारी नहीं होती। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा और सरकार में तो सबकी सामूहिक जिम्मेदारी भी है। अलग-अलग डिपार्टमेंट अलग-अलग पार्टियों के पास होती जरूर है, लेकिन नीतीश कुमार के नेतृत्व में सब काम करते हैं और हम लोगों की मंशा यही है।”-अभिषेक झा, जदयू प्रवक्ता

गिरिराज सिंह ने RSS का मतलब समझाया : केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर लिखा- ”RSS मतलब राष्ट्र प्रेम RSS मतलब राष्ट्र कल्याण। RSS मतलब देश सेवा। RSS मतलब जनकल्यान। RSS मतलब मानवता और सौहार्द्र। RSS मतलब संविधान के हिमायती। देश और दुनिया का हर समझदार व्यक्ति इस बात को जानता है, सिवाय कुछ “एजेंडावादियों और तुष्टिकरण” के पैरोकारों के।’

“पटना एसएसपी का बयान गैर जिम्मेदाराना है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना एक राष्ट्र विरोधी और आतंकवादी संगठन पीएफआई से करना बेहद दुखद है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ऐसा संगठन है, जो देशप्रेम, उच्च आदर्श और सर्वधर्म समभाव का प्रवर्तन करने में लगभग एक सदी से निष्ठापूर्वक लगा है। ऐसे में मैं उम्मीद करता हूं कि पुलिस मुख्यालय ऐसे अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। जल्द ही उनके खिलाफ उचित और गंभीर एक्शन लिया जाए”- रविशंकर प्रसाद, बीजेपी सांसद सह पूर्व केंद्रीय मंत्री

“मानवजीत सिंह ढिल्लो की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। आरएसएस एक राष्ट्रवादी संगठन है। जो देश प्रेम सिखाती है। देश पर मर मिटने का जज्बा लोगों में पैदा करती है। एक राष्ट्रवादी संगठन की तुलना उन्होंने एक आतंकवादी संगठन से की है। जो सर तन से जुदा करने की बात करता है। जो गजवा ए हिन्द की बात करता है। जो जिहाद की बात करता है। ऐसे संगठन का समर्थन करने वाले पदाधिकारी को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। इस घटना की सीबीआई से जांच हो। एक राष्ट्रवादी संगठन पर उंगली उठाने का काम किया है उनको SSP क्या सिपाही भी रहने का अधिकार नहीं है’- हरिभूषण ठाकुर, बचौल, बीजेपी विधायक

क्या बोले थे एसएसपीः

पटना एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने गुरुवार को गिरफ्तार संदिग्धों का खुलासा करते हुए कहा “अभी अनुसंधान प्रारंभिक स्टेज पर है। ये पता चला है कि इनका ऑर्गनाइजेशन बेसिकली मस्जिद और मदरसे में यूथ को मोबलाइज करती थी। ये लगातार कट्टरपंथ की ओर कार्यशील थे। इनकी कार्यप्रणाली ऐसी थी जैसे आरएसएस की शाखा होती है। आर्गेनाइज करते हैं और लाठी की शारीरिक ट्रेनिंग देते हैं। उसी तरीके से ये लोग भी फिजिकल ट्रेनिंग देते थे। इसी के साथ अपना एजेंडे था उसके साथ यूथ का ब्रेनवॉश करने का काम कर रहे थे”।