पटना: बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग (Special Status to Bihar) को लेकर एनडीए की दोनों प्रमुख पार्टी बीजेपी और जेडीयू एक बार फिर आमने-सामने है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा में जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह (JDU President Lalan Singh ) ने एक बार फिर बिहार के लिए विशेष पैकेज की मांग की। जिसके जवाब में अब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल (BJP State President Sanjay Jaiswal) ने आंकड़ों के जरिए जेडीयू को आईना दिखाया है।

बिहार बीजेपी के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने सोमवार को जदयू को आइना दिखाते हुए आंकड़ों के जरिए बताया था कि महाराष्ट्र की आबादी बिहार से एक करोड़ ज्यादा है, फिर भी बिहार को महाराष्ट्र के मुकाबले 31 हजार करोड़ रुपए ज्यादा मिलते हैं, जबकि पश्चिम बंगाल भी बिहार की भांति पिछड़ा राज्य है लेकिन उसके मुकाबले भी बिहार को 21 हजार करोड़ रुपए ज्यादा मिलता है। संजय जायसवाल ने लिखा- ‘जीएसटी से सबसे ज्यादा फायदा बिहार जैसे राज्य को हुआ है। पहले जिस राज्य में उद्योग स्थापित होते थे उनको अलग से कमाई होती थी। अब इस कमाई का बड़ा हिस्सा उपभोक्ता राज्य में बंटता है जिसके कारण बिहार को 20 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त फायदा हुआ है।’

संजय जायसवाल ने अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट (Sanjay Jaiswal Facebook Post on Special Status to Bihar) कर लिखा कि अगर बिहार को आगे बढ़ाना है तो सरकार को हर हालत में उद्योगों को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा, “जब तक हम औद्योगिक नीतियां लाकर नए उद्योगों को बढ़ावा नहीं देंगे तब तक ना हम रोजगार देने में सफल हो पाएंगे और ना हीं बिहार की आय बढ़ेगी। जहां भी संभव हो वहां प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उद्योग लगाने वालों को विलेन समझने की मानसिकता बिहार को कहीं का नहीं छोड़ेगी।”

उन्होंने आगे लिखा, “हम 6 वर्षों में भी प्रधानमंत्री के दिए हुए पैकेज का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं। अभी भी 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया है। उदाहरण के तौर पर रक्सौल हवाईअड्डे के लिए प्रधानमंत्री पैकेज में ढाई सौ करोड़ रुपए मिल चुके हैं लेकिन बिहार सरकार द्वारा अतिरिक्त जमीन नहीं देने के कारण आज भी यह योजना रुकी हुई है. प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में भी बिहार को हजारों करोड़ रुपए मिलने हैं।”

बीजेपी नेता ने नसीहत देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का समुचित उपयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में 6 हजार करोड़ की राशि बिहार सरकार को आवंटित की गई थी लेकिन जल नल योजना के मद में हमने यह पैसे नहीं लिए। जनसंख्या नियंत्रण को जरूरी बताते हुए जायसवाल ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए हमें स्वयं काम करना होगा। केवल यह सोच कि समाज स्वयं शिक्षा के साथ जनसंख्या को नियंत्रित कर लेगा।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि सरकारी राशि का उपयोग कल्याणकारी योजनाओं में होना चाहिए। जायसवाल ने कहा कि 2020 में राजग सरकार का गठन आत्मनिर्भर बिहार के 7 निश्चय के आधार पर हुआ था। हमें इस मूल मुद्दे से कभी भटकना नहीं चाहिए।

बीजेपी की नसीहत पर जेडीयू ने भी तीर छोड़े। बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल के पोस्ट पर जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने जवाब दिया। जेडीयू ने कहा कि 2020 में राजग सरकार का गठन आत्मनिर्भर बिहार के 7 निश्चय के आधार पर हुआ है, इस मूल मुद्दे से कभी भटकना नहीं चाहिए। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री नीरज कुमार (Niraj kumar On Sanjay Jaiswal Statement) ने इसका जवाब दिया है।

नीरज कुमार ने आंकड़े दिखाते हुए संजय जायसवाल को जवाब दिया कि खुद उनकी पार्टी के नेता और उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने 2022-23 के बजट से पहले बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री को मेमोरेंडम सौंप कर विशेष राज्य के दर्जे की मांग की थी। तो क्या उन्होंने गलत किया था। विशेष राज्य के दर्जे पर सदन के अंदर सहमती क्यों प्रदान की। जब इसका विरोध ही करना था।