बिहार की राजनीति में बुधवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. नीतीश सरकार में मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी के तीनों विधायक पार्टी छोड़ कर अचानक बीजेपी (BJP) में शामिल हो गए. इससे जहां मुकेश सहनी को बड़ा झटका लगा है. वहीं, बीजेपी को काफी खुशी मिली है. दरअसल बीजेपी का बिहार में बरसों पुराना एक सपना पूरा हो गया है. वीआईपी (VIP) के तीन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के साथ ही बीजेपी विधायकों की संख्या के लिहाज से सबसे बड़ी पार्टी बन गई है.

बिहार विधानसभा में बीजेपी अब सबसे अधिक विधायकों वाली पार्टी के नाम से जानी जाएगी. अभी तक 75 विधायकों के साथ राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सबसे बड़ी पार्टी थी. लेकिन, केवल एक विधायक कम रहने के कारण दूसरे नंबर पर रहने वाली बीजेपी अचानक अब पहले नंबर पर पहुंच गई है.

विधानसभा चुनाव में BJP के 74 उम्मीदवार जीत कर बने थे विधायक 

बता दें कि अक्टूबर-नवंबर 2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के 74 विधायक जीत कर आए थे. वहीं, मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी ने चार सीटों पर जीत दर्ज की थी. हालांकि वो खुद चुनाव नहीं जीत सके थे. मुकेश सहनी को बाद में बीजेपी कोटे पर बिहार विधान परिषद का सदस्य बनाया गया था. पिछले दिनों बोचहां सीट से विधायक मुसाफिर पासवान का निधन हो जाने से वीआईपी के विधायकों की संख्या घटकर तीन रह गई थी. अब जबकि वीआईपी के तीनों विधायकों ने पार्टी छोड़ दी है और बीजेपी में शामिल हो गए हैं, विधानसभा में बीजेपी के सदस्यों की संख्या बढ़कर 77 हो गई है.

वहीं, आरजेडी 75 विधायकों के साथ दूसरे नंबर पर, जेडीयू 46 विधायकों के साथ तीसरे नंबर पर, और 19 विधायकों के साथ कांग्रेस चौथे नंबर पर है. भाकपा-माले 12 विधायकों के साथ पांचवें नंबर की पार्टी है. एनडीए के घटक जीतम राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) चार विधायकों के साथ छठवें नंबर पर है. जेडीयू ने विधानसभा चुनाव में 45 सीटें हासिल की थी. लेकिन बाद में लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के एकमात्र विधायक के जेडीयू में शामिल हो जाने से उसकी संख्या 46 हो गई है.