पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली मेट्रो के साथ 25 सितंबर, 2019 को एमओयू हुआ है. इसके तहत पटना मेट्रो परियोजना के दानापुर से मीठापुर और पटना रेलवे स्टेशन से न्यू आइएसबीटी तक दोनों कॉरिडोर को सितंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. कुल 31.39 किलोमीटर लंबी पटना मेट्रो का का दानापुर से मीठापुर का हिस्सा 16.94 किलोमीटर, जबकि पटना रेलवे स्टेशन से न्यू आइएसबीटी का हिस्सा 14.45 किलोमीटर लंबा है.

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

दिल्ली मेट्रो इस पूरी परियोजना के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है, जिसमें निविदा, सिविल कार्यों के लिए ठेकेदारों का चयन, सिस्टम (सिग्नलिंग, संचार, इएंडएम आदि) रोलिंग स्टॉक, एएफसी, सिविल वर्क सिस्टम सुरक्षा, गुणवत्ता और अन्य शामिल हैं. संपूर्ण पटना मेट्रो परियोजना के लिए एकमात्र डिपो पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के पास प्रस्तावित है. इसके लिए फिलहाल जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. दोनों कॉरिडोर पर पटना स्टेशन और खेमनीचक दो इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जहां से दोनों रूट के लिए मेट्रो उपलब्ध होगी.

प्रायोरिटी कॉरिडोर

प्रायोरिटी कॉरिडोर में मलाही पकड़ी से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक का एलिवेटेड सेक्शन शामिल है. इस 6.1 किमी के खंड (लाइन-2 से) में पांच एलिवेटेड स्टेशन होंगे -जीरोमाइल, पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, भूतनाथ रोड, खेमनीचक और मलाही पकड़ी .

पटना में आनंद किशोर से मिले दिल्ली मेट्रो के एमडी

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के एमडी विकास कुमार ने शुक्रवार को पटना का दौरा कर पटना मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के एमडी सह नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. इस मुलाकात के दौरान खास कर जायका फंड टाइअप, निजी भूमि का अधिग्रहण व अन्य फंड से संबंधित मुद्दों पर विशेष चर्चा की गयी.

जायका से ऋण को लेकर मार्च 2023 तक समझौता होने की उम्मीद

पटना मेट्रो से मिली जानकारी के मुताबिक एमडी आनंद किशोर ने आश्वासन दिया कि डिपो की भूमि इस वर्ष जल्द से जल्द उपलब्ध करायी जायेगी. जायका फंड टाइअप के लिए अध्ययन समूह के साथ नियमित बैठक और चर्चा जारी है. इसको लेकर जायका के साथ बातचीत की प्रक्रिया एडवांस स्टेज में है. मार्च, 2023 तक ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये जाने की संभावना है. बैठक में पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड सेक्शन के समय पर निर्माण किये जाने पर ध्यान केंद्रित करने पर भी जोर दिया गया. मालूम हो कि पटना मेट्रो परियोजना डीएमआरसी की देखरेख में ही चल रही है.