बिहार में होनेवाली 67वीं संयुक्‍त प्रारंभिक परीक्षा जो बिहार लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जानी थी उसका प्रश्नपत्र लिक हो गया है. इस पूरे मामले में अब आयोग ने पहले तो इस परीक्षा में हुई अनियमितता की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया, इससे थोड़ी देर बाद ही आयोग ने मान लिया कि पेपर लिक हुआ था और इस परीक्षा को रद्द करने की घोषणा कर दी. आपको बता दें कि इस परीक्षा में साढ़े 5 लाख से ज्यादा छात्रों ने भाग लिया था. इस परीक्षा के प्रश्नपत्र की लिक की बात सामने आने के बाद छात्रों ने जमकर हंगामा किया था.  

इस संबंध में बिहार लोक सेवा आयोग ने परीक्षा रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी किया है. इसके साथ ही इस मामले की जांच साइबर सेल से कराने के लिए बिहार के डीजीपी से अनुरोध भी किया है. बीपीएसी की संयुक्‍त प्रारंभिक परीक्षा का पेपर परीक्षा से ठीक पहले ही बाजार में आ गई. जिसके बाद हंगामा मच गया. इंटरनेट के विभिन्न स्त्रोतों पर ये प्रश्नपत्र पहले से ही मौजूद हो गए. टेलीग्राम ग्रुप पर परीक्षा से ठीक पहले यह प्रश्नपत्र वायरल हो रहा था. परीक्षा समाप्त होने के बाद जब मिलान किया गया तो वायरल प्रश्नपत्र मूल प्रश्नपत्र से हुबहू मेल खा रहे थे. 

वहीं प्रश्नपत्र लिक मामले में बिहार के कई सेंटरों पर जमकर हंगामा हुआ. अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर कुछ छात्रों को मोबाइल के साथ सेंटर में प्रवेश की अनुमति दी गई. उनको पहले से ही प्रश्नपत्र मिले थे और उन्हें एक खास कमरे में बिठाकर उनकी परीक्षा भी ली गई थी. जबकि इस मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि अन्य छात्रों को प्रश्नपत्र विलंब से  दिए गए. अब बिहार लोक सेवा आयोग ने इस पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी और इसकी रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर मांगी थी. 

पहले ही वायरल हो गया था प्रश्नपत्र
रविवार को संपन्न हुए बिहार लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न पत्र को लेकर बताया गया कि यह सेंटर में छात्रों के प्रवेश से पहले लिक हो गया और विभान्न टेलीग्राम ग्रुपों के जरिए वायरल कराया गया. इन प्रश्न पत्रों को जब मूल प्रश्न पत्र से मैच किया गया तो पता चला कि सारे सवाल एकदम मैच कर रहे थे. इसको लेकर कुछ छात्र समूहों ने परीक्षा से पहले ही मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को इन प्रश्नपत्रों की कॉपी भेजकर इसे रद्द करने की मांग की थी.