अगले माह के पहले सप्ताह में ट्रेनों के एसी कोच में चादर, कंबल आदि मिलने लगेंगे. राजेंद्र नगर टर्मिनल से नयी दिल्ली जानेवाली राजधानी एक्सप्रेस से इसकी शुरुआत होगी. इसके साथ ही महत्वपूर्ण ट्रेन संपू्र्ण क्रांति सहित कुछ अन्य ट्रेनों में यह व्यवस्था शुरू होगी. इसके बाद धीरे-धीरे पूमरे के सभी ट्रेनों में इसका इंतजाम होगा. रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में एसी कोच के यात्रियों की सुविधा के लिए चादर, कंबल, तकिया मुहैया कराने के संबंध में पहले ही निर्णय जारी कर चुका है. रेलवे के आधिकारिक सूत्र ने बताया कि पिछले दो साल से कोरोना के कारण ट्रेनों में चादर, कंबल, तकिया आदि मुहैया कराने पर रोक लगायी गयी थी.

सभी ट्रेनों में सुविधा मुहैया करायी जायेगी

इससे पहले से इस्तेमाल हो रहे चादर, कंबल, तकिया आदि बेकार हो चुके हैं. फिर से यह व्यवस्था शुरू किये जाने को लेकर नये सिरे से खरीदारी की जा रही है. बड़े पैमाने पर खरीदारी करनी है. इस प्रक्रिया में समय लग रहा है. पूमरे के सीपीआरओ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रेनों में चादर, कंबल आदि की सुविधा अगले माह के पहले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है. राजधानी सहित अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों में पहले शुरूआत होगी. इसके बाद धीरे-धीरे अन्य ट्रेनों में सुविधा मुहैया करायी जायेगी.

एडीआरएम ने किया निरीक्षण

बरौनी स्टेशन पर मंगलवार को सोनपुर मंडल के एडीआरएम संजीव कुमार राय ने रूटीन इंस्पेक्शन के तहत न सिर्फ बरौनी जंक्शन का निरीक्षण किया. बल्कि संपूर्ण रेल परिक्षेत्र का बारीकी से गहन जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने मेडिकल भान, डीजल लॉबी आदि का सघन निरीक्षण किया. साथ ही यात्री सुविधा में बढ़ोतरी को लेकर भी स्थानीय अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिये. मौके पर स्टेशन सुपरिंटेंडेंट रत्नेश कुमार आदि पदाधिकारी मौजूद रहे.

दूसरे दिन रद्द रहेंगी इंडिगो की सात फ्लाइटें

पटना. इंडिगो की सात फ्लाइटें बुधवार को लगातार दूसरे दिन रद्द रहेंगी. इंडिगो ने आधिकारिक रुप से इसकी वजह नहीं बताई है और ऑपरेशनल वजहों से इन फ्लाइटों को रद्द करने की बात कही जा रही है. इनमें से अधिकतर फ्लाइट के यात्रियों को पहले ही इन्हें रद्द करने की सूचना दी जा चुकी है और दूसरे विमानों से उनके जाने की व्यवस्था भी की जा चुकी है. ऑपरेशनल वजहों से मंगलवार को भी इंडिगो की ये सातों फ्लाइटें रद्द रहीं. हलांकि उनके यात्रियों को पहले ही रद्द करने की सूचना दी जा चुकी थी और दूसरे विमानों से उनके जाने की व्यवस्था भी की जा चुकी थी.