इस बार कोरोना संक्रमण नियंत्रित होने के बाद दो साल बाद इस बार धूमधाम से चैती दुर्गा पूजा होगी। इसकी तैयारी पूरी जोर से की जा रही है। शनिवार को कलश स्थापना के साथ ही चैती दुर्गा पूजा शुरू हो जाएगा। इसको लेकर शहर से लेकर गांवों में बड़ी धूम-धाम से तैयारी हो रही है। पूजा समिति के अध्यक्ष अशोक शरण सिंह ने बताया कि कोरोना के कारण पिछले दो सालों से मेले का आयोजन नहीं हो सका था।

इस बार पंडाल बनाने के साथ ही मेले का भी आयोजन किया जा रहा है। इसकी तैयारी पिछले 15 दिनों से चल रही है। कलश स्थापना के साथ दुर्गासप्तशती की पाठ से शहर से लेकर गांवों का वातावरण पवित्र होगा। चैत्र नवरात्र के पर्व में नियम और अनुशासन का विशेष महत्व बताया गया है। इसमें नौ दिनों तक लोग उपवास और फलहार रहकर मां की पूजा करते हैं। इसको लेकर बाजार में फल की दुकानें पहले से ही सज गई है। फल विक्रेता गोपाल साह ने बताया कि इस बार फल के दाम पहले से ही बढ़े हुए हैं। बाजार में फल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इस लिए फल के दामों में बढ़ोतरी होने की संभावना कम है।

ये हैं कलश स्थापना के शुभ मुहुर्त

आज से नवरात्र शुरू हो रहा है। इसमें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह छह बजकर 22 मिनट से आठ बजकर 31 मिनट तक है। दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर आठ मिनट से 12 बजकर 57 मिनट है। इस बीच में लोग कभी की कलश स्थापित कर पूजा कर सकते हैं। इन दिनों ईश्वरीय शक्ति उपासक के साथ होती है और इच्छाओं को पूरा करने में सहायक होती है। बाजार में फल के दाम फाल दाम किलो प्रति रुपये

सेब – 140 से 200 रुपये प्रति किलो अनार – 120 से 140 रुपये प्रति किलो अंगूर – 80 रुपया प्रति किलो केला – 50 रुपया प्रति किलो नारियल डाभ – 50 से 70 रुपया प्रति किलो नारंगी – 100 से 120 रुपया प्रति किलो काजू – 800 सौ रुपया प्रति किलो पिस्ता बादाम – 800 सौ रुपया प्रतिकिलो खजूर – 100 से 600 सौ रुपया प्रतिकिलो छुहारा – 220 से 300 सौ रुपया प्रतिकिलो किसमिस – 260 से 300 सौ रुपये प्रतिकिलो