बिहार में महागठबंधन के खिलाफ उपचुनाव में समर्थन लोजपा (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान ने NDA को खुलकर अपना समर्थन दिया है। इसके बाद अब सवाल ये उठता है कि आखिर चिराग NDA के साथ गठबंधन की घोषणा कब करेंगे? चिराग पासवान ने मीडिया के साथ बातचीत में इसे लेकर बड़ा बयान दिया है। NDA के साथ वापसी को लेकर चिराग पासवान ने कहा, “इस मुद्दे पर अभी चर्चा चल रही है। उपचुनाव से पहले अपने समर्थन को लेकर हमने घोषणा की। उपचुनाव को समर्थन जरूर दिया है। लेकिन NDA के साथ गठबंधन को लेकर अभी कई बातें हैं जिसपर चर्चा होनी बाकी है। इसके बाद ही हम औपचारिक घोषणा करेंगे।”

अमित शाह के साथ मुलाकात को लेकर चिराग पासवान बोले; “मैंने अमित शाह के साथ 50 मिनट तक अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत की। इस दौरान अपनी सभी चिंताओं को सामने रखा। आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव को लेकर हमने चर्चा की है।”

क्या आप बिहार के मुख्यमंत्री बनना चाहेंगे? इस सवाल पर चिराग बोले; “बिहार के कारण ही मैं राजनीति में आया। उस दौरान मैंने क्षेत्रीय दलों से बिहार के लोगों को मार खाते हुए देखा। शिवसेना के लोग जिस तरह से बिहारियों के साथ बर्ताव करते थे, ये तमाम बातें देखने के बाद ही मैंने फैसला किया कि मैं अपने राज्य वापस जाऊंगा और इसकी स्मिता और गरिमा के लिए काम करूंगा। यकीनन मेरी प्राथमिकता राज्य की राजनीति है। जिस दिन बिहार में हमारी सरकार होगी उस दिन इसे सही मायने में विकसित राज्य बनाने की तरफ काम करेंगे। मुख्यमंत्री बनने देने का मौका जनता के हाथ में है। जनता मौका देगी तो यकीनन बनेंगे। लेकिन जिस माध्यम से भी सत्ता में आने का मौका मिलेगा उसी माध्यम से बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट को धरातल पर उतारेंगे।”

इसके अलावा चिराग पासवान ने मंत्री अखिल गिरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर बर्खास्त करने की मांग भी उठाई है। चिराग पासवान ने कहा, “इस मामले में सीएम ममता बनर्जी को आगे आकर माफी मांगनी चाहिए और मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए। ममता बनर्जी को सामने आकर माफी मांगना चाहिए। सरकार को इस मामले में तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। मंत्री के ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में भी कोई इस तरह की हिमाकत ना कर पाए कि ऐसा बयान दें। ये कहीं ना कहीं आपकी मानसिकता को दर्शाता है कि अनुसूचित जाति, जनजाति के जो लोग आते हैं वो दिखते कैसे हैं? उनकी वेशभूषा कैसी है? क्या यही मापदंड बच गए हैं? क्या उनकी मेहनत मायने नही रखती? ऐसे मंत्रियों के मुंह से ये बेफिजूल बयान आया है। इसे एक उदाहरण के तौर पर सेट करना चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत ना कर पाए।”