बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच करीब 50 मिनट तक मुलाकात हुई. बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद नीतीश कुमार और राहुल गांधी की ये पहली मुलाकात थी. दरअसल महागठबंधन सरकार को कांग्रेस का भी समर्थन है. हालांकि राहुल गांधी से मिलने के बाद बाहर निकले सीएम नीतीश ने मीडिया से कोई बात नहीं की. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बीजेपी को हराने के लिए विपक्षी एकजुटता पर बात हुई है.

बिहार में महागठबंधन की नई सरकार बनने के बाद राहुल गांधी ने नीतीश कुमार को फोन पर बधाई दी थी. ये मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब रविवार को ही राहुल गांधी एकजुट होकर बीजेपी को हराने की बात कही है. वहीं बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद नीतीश कुमार लगातार एकजुट विपक्ष की बात कर रहे हैं. इसी कड़ी में सीएम नीतीश कुमार तीन दिनों के दिल्ली दौरे पर आए हैं. हालांकि दिल्ली पहुंचकर सीएम नीतीश कुमार कहा कि उनकी प्रधानमंत्री बनने की इच्छा नहीं है. सीएम नीतीश ने दिल्ली दौरे के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मेरी कोई इच्छा प्रधानमंत्री बनने की नहीं है. मैं यही चाहता हूं कि विपक्ष एक साथ आए और बीजेपी के खिलाफ लड़े, विपक्ष एक साथ आएगी तो अच्छा होगा.

इससे पहले दिल्ली दौरे पर जाने से पहले सीएम नीतीश कुमार ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की. लालू से मिलने के लिए नीतीश कुमार राबड़ी आवास पहुंचे. इस दौरान मुलाकात के बाद नीतीश कुमार जब बाहर आए तो उन्होंने कहा कि हमलोग आपस में बातचीत कर रहे थे. बात हो गई है अब दिल्ली जाएंगे. मीडिया से कहा कि दिल्ली से लौटकर आएंगे तो आप लोगों से भी बात करेंगे. लालू प्रसाद यादव से बातचीत हुई को लेकर नीतीश कुमार ने कहा कि बातचीत क्या हम लोग तो एक ही विचार के हैं. हम लोगों के आपस का राय एक ही है. इन्हीं सब चीजों के लिए हम भी दिल्ली जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति समेत विपक्षी नेताओं से मिलेंगे.

बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे पर कई नेताओं से मुलाकात करेंगे. सीएम आज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मिलेंगे. नीतीश कुमार अगले दो दिनों तक दिल्ली में कई राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्रियों और पार्टी प्रमुखों से मुलाकात करेंगे. जिसमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी शामिल हैं. इसके साथ-साथ अगर नवीन पटनायक उपलब्ध रहे तो नीतीश उनसे भी मिलेंगे. सीएम ने साफ कहा है कि उनका लक्ष है, विपक्षी पार्टियों को एकजुट करना.