बॉलीवुड के मशहूर कलाकार पंकज त्रिपाठी ने सीएम नीतीश कुमार की नई फिल्म नीति की सराहना की है. पंकज त्रिपाठी गोपालगंज जिले के रहने वाली है. राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता पंकज त्रिपाठी इस निर्णय की लंबे समय से अपेक्षा कर रहे थे. 

नीतीश सरकार की नई नीति से दूर होगी कमी
उन्होंने कहा कि कई ऐसे फिल्म निर्माता और निर्देशक है जो अपने काम को पहचान देने के लिए मुंबई से दूर बिहार में शूटिंग करना चाहते हैं. लेकिन राज्य में सुविधाओं का अभाव होने के कारण वो शूटिंग झारखंड और उत्तर प्रदेश या उससे करीब के राज्य में करते हैं. उन्होंने कहा कि उम्मीद है नीतीश सरकार की नई नीति इस कमी को दूर करेगी. 

फिल्म महोत्सव की घोषणा की
बिहार सरकार का उद्देश्य है कि वे भोजपुरी इंड्रस्टी, जो कि बिहार में बहुत बड़ी फिल्म इंडस्ट्री है, उसे एक खास रूप दे सकें. वहीं, इस सप्ताह की शुरुआत में राज्य में कला और संस्कृति मंत्री जितेंद्र कुमार राय ने गोवा में भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में इसकी घोषणा की थी. जिसके बाद इस फैसले की कई बॉलीवुड के फिल्मी सितारों ने सराहना की है. 

वहीं, बिहार में कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हुई है. उस दौरान भारी संख्या में भीड़ जमा होती है. जिसके कारण कई बार नकारात्मक प्रभाव भी पड़े हैं. बिहार पर आधारित दामुल, मृत्युदंड , गंगाजल और अपहरण जैसी कई फिल्मों की शूटिंग राज्य में नहीं हुई है क्योंकि बिहार में फिल्म बनाने को लेकर सुविधाओं का अभाव था.

मनोज तिवारी ने कही मदद की बात
वहीं, भोजपुरी इंडस्ट्री के मशहूर कलाकार मनोज तिवारी ने कहा कि बिहार में सिनेमा के निर्माताओं के लिए 500 करोड़ का फंड होना जरूरी है. बिहार में फिल्म इंडस्ट्री की शुरुआत के लिए प्रारंभिक फंड की जरूरत होगी. उन्होंने कहा कि फिल्म नीति महज कागजों में न रहे, उसके लिए ठोस परिणाम दिखाई दें. उन्होंने आगे कहा कि वे भी नीतीश कुमार की मदद करने के लिए तैयार हैं. 

बिहार में प्रतिभाओं और संसाधनों की कोई कमी नहीं
वहीं, भोजपुरी सिनेमा और बॉलीवुड में काम कर चुके रवि किशन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर नोएडा समेत राज्य के कई हिस्सों में फिल्म सिटी बना रहे हैं. उन्होंने कहा, कि बिहार में प्रतिभाओं और संसाधनों की कोई कमी नहीं है. राज्य के पास किसी चीज की कमी नहीं है जिससे यहां पर ऐसा नहीं हो सकता है.