छठ महापर्व का आज तीसरा दिन है। आज अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। पटना समेत पूरे बिहार में व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य दिए। पटना के घाट पर भगवान भास्कर के डूबते हुए रूप को अर्ध्य दिया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वोट के माध्यम से माध्यमों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने व्रतियों को प्रणाम किया, साथ ही हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया।

इसके पहले मुख्यमंत्री ने एक अणे मार्ग स्थित आवास में अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान उनके सभी रिश्तेदार मौजूद रहे। अर्ध्य देते हुए उन्होंने प्रदेश में अमन चैन की दुआ मांगी, साथ ही प्रदेशवासियों को महापर्व की बधाई दी। छठ महापर्व में संध्याकालीन आगे की विशेष महत्ता है। सूर्य षष्टि यानी छठ पूजा के तीसरे दिन शाम के वक्त सूर्य देव अपनी पत्नी प्रत्यूषा के साथ रहते हैं। इसलिए संध्या अर्घ्य देने से प्रत्यूषा को अर्ध्य प्राप्त होता है।

मान्यताओं के अनुसार प्रत्यूषा को अर्ध्य देने से इसका लाभ भी अधिक मिलता है। मान्यता यह है कि संध्या अर्घ्य देने और सूर्य की पूजा अर्चना करने से जीवन में तेज बना रहता है और यश, धन, वैभव की प्राप्ति होती है। शाम को अस्ताचलगामी सूर्य देव को पहला अर्घ्य दिया जाता है इसलिए इसे संध्या अर्घ्य कहा जाता है। इसके पश्चात विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की जाती है।