पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने विधि व्यवस्था और मद्य निषेद से संबंधित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता विधि व्यवस्था (Nitish Kumar Law And Order Meeting) है। अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठक में सीएम ने सभी थानों में लैंडलाइन फोन हमेशा फंक्शनल रहे इसकी व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया।

गश्ती का औचक निरीक्षण करने का निर्देश :

सीएम नीतीश कुमार ने अपराध अनुसंधान कार्य में तेजी लाने और इसे ससमय पूर्ण करने का भी निर्देश दिया, ताकि दोषियों पर जल्द कार्रवाई हो सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने रात्रि गश्ती, पैदल गश्ती में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं करने और इसको सुदृढ़ करने को लेकर वरीय पुलिस अधिकारियों को गश्ती का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। जमीन से संबंधित आपसी विवाद को खत्म करने के लिए महीने में एक बार जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक, 15 दिन में एक बार एसडीओ और एसडीपीओ तथा सप्ताह में 1 दिन अंचल अधिकारी और थाना अध्यक्ष की नियमित रूप से होने वाली बैठकों में समस्याओं के त्वरित निष्पादन हेतु कार्य हो इस पर जोर दिया।

शराबियों को छोड़ें नहीं.. चाहे कोई भी हो:

प्रशासन और पुलिस को राज्य में सांप्रदायिक घटनाओं को नियंत्रित रखने का निर्देश दिया। शराब पीने वालों को पकड़ने में कोताही नहीं बरतने का भी मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिया। उनकी निशानदेही पर सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने कहा राजधानी पटना में शराबबंदी पर विशेष नजर रखें कोई कितना भी बड़ा आदमी क्यों ना हो किसी भी दल का हो किसी परिवार का हो अगर शराब पीते पकड़ा जाए तो उन्हें छोड़े नहीं। कानून की नजर में सब बराबर है।

जागरुकता अभियान चलाने का निर्देश :

सीएम ने कहा कि समाज सुधार अभियान के दौरान जो बातें बताई गई है उसको लेकर कैंपेन चलाते रहें लोगों को जागरूक करते रहें। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, डीजीपी तथा मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव को सप्ताह में 1 दिन आपस में बैठकर समस्याओं के त्वरित निष्पादन करने का भी निर्देश दिया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव मुख्य सचिव डीजीपी गृह सचिव सहित पुलिस मुख्यालय के सभी आला अधिकारी मौजूद थे।