बिहार सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता 3 फीसदी बढ़ाने की अधिसूचना जारी हो गई है. बिहार के 5 लाख सरकारी कर्मियों और 3 लाख पेंशन धारकों को इसका लाभ मिलेगा. यह 1 जनवरी 2022 के प्रभाव से मिलेगा. इसके लागू होने से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को अब 34 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा. महंगाई भत्ता की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक पैसे को अगले रुपये में पूर्णांकित कर दिया जायेगा. बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता केंद्र सरकार के कर्मियों की तरह एक जनवरी, 2022 के प्रभाव से मिलेगा.

सरकारी खजाने पर प्रतिवर्ष 1133 करोड़ का अतिरिक्त बोझ: वित्त विभाग की ओर से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी किए जाने संबंधित अधिसूचना जारी की गई है. पिछले कैबिनेट की बैठक में ही बिहार सरकार ने इसकी स्वीकृति दी थी. सरकार के इस निर्णय से राज्य के खजाने पर प्रतिवर्ष 1133 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. महंगाई भत्ते की राशि का नगद भुगतान किया जाएगा. वित्त विभाग के अनुसार उच्च न्यायालय, बिहार विधान सभा, बिहार विधान परिषद के कर्मियों को पुनरीक्षित वेतनमान में इस महंगाई भत्ता का भुगतान मुख्य न्यायाधीश पटना उच्च न्यायालय, अध्यक्ष बिहार विधान सभा एवं सभापति बिहार विधान परिषद की स्वीकृति से देय होगा.

एक जनवरी 2022 के प्रभाव से मिलेगा: बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह एक जनवरी 2022 के प्रभाव से मिलेगा. विभाग के सचिव (संसाधन) लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि महंगाई भत्ता की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक पैसे को अगले रुपये में पूर्णांकित कर दिया जायेगा. जबकि 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जायेगा. वित्त विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी मिल चुकी है. सरकारी सेवक के मामले में उनके मूल वेतन (पे-मैट्रिक्स में विहित वेतन स्तर में आहरित किया जाने वाला वेतन) जबकि पेंशनरों में मूल पेंशन के आधार पर राशि का भुगतान किया जायेगा. वहीं, बिहार आकस्मिकता निधि की अधिसीमा को 350 करोड़ से बढ़ाकर 30 मार्च तक के लिए अस्थायी रूप से 9500 करोड़ कर दिया गया है.

कर्मचारियों में खुशी: रामनवमी के मौके पर सरकार की ओर से की गयी इस घोषणा से सरकारी कर्मचारियों और पेशनधारियों में खुशी का माहौल है. लोगों ने कहा कि बढ़ती महंगाई में सरकार की ओर से लिया गया यह फैसला राहत देने वाला है. केंद्र सरकार ने 3 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला लिया था. बिहार सरकार ने उसके बाद कैबिनेट से इसकी स्वीकृति दे दी थी. अब इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद 5 लाख सरकारी कर्मचारियों और तीन लाख पेंशन भोगियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.