पटना. पूर्व मंत्री और जदयू विधायक बीमा भारती को अपने ही सरकार के मंत्री लेसी सिंह पर आरोप लगाना महंगा पड़ गया है. बीमा भारती के बयानों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कड़ी आपत्ति जताते हुए चेतावनी तक दे डाली है. उन्होंने बीमा भारती को चेतावनी देते हुए कहा कि पहले उन्हें प्रेम से समझाया जाएगा यदि वह नहीं मानती हैं तो आगे पार्टी कार्यवाही करेगी. नीतीश कुमार ने कहा की बीमा भारती को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था. हमको बहुत ही आश्चर्य हुआ है उनके बयान पर पार्टी पूरे मामले को देख रही है.

बता दें, पटना के आईजीआईएमएस में भर्ती ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव का हालचाल जानने पहुंचे नीतीश कुमार जब अस्पताल से बाहर निकले तो पत्रकारों के सवाल के बाद नीतीश कुमार का गुस्सा फूट पड़ा. नीतीश कुमार ने कहा कि उनको मैंने कई बार मंत्री बनाया है. बीमा भारती शपथ पत्र नहीं पढ़ पाई थी तो अगली बार पहले उन्हें पढ़ना सिखाया गया. वह जो आरोप लेसी सिंह पर लगा रहीं हैं बिल्कुल गलत है एसा नहीं बोलना चाहिए. मैंने बीमा भारती के लिए क्या नहीं किया है, उन्होंने जो कुछ कहा है बिल्कुल गलत बात है और लेशी सिंह पर अब कुछ मामला नहीं हैं. क्या कोई जरूरी नहीं है कि सभी लोग मंत्री बन जाए बीमा भारती को दो बार सरकार में मंत्री बनाया गया.

बीजेपी को लेकर सीएम ने कही यह बात 

भाजपा के द्वारा बिहार में लग रहे जंगलरज के आरोपों पर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जिसको जो मन में आए, जो जो बोलना है बोल ले. अब और ज्यादा विकास पर काम होगा . वहीं लालू यादव से मुलाकात पर नीतीश कुमार ने कहा कि लालू यादव से क्या संबंध है आपको पता नहीं है, हम लोग साथ हैं और साथ रहेंगे क्या हमारा रिश्ता है किसी को क्या पता है .

जानें क्यों नाराज हैं बीमा भारती 

रुपौली विधान सभा से जदयू विधायक बीमा भारती का दाव उल्टा पड़ गया है . बिहार में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बीमा भारती ने कड़ी आपत्ति जताई थी उनकी नाराजगी दो बातों से थी. पहला कि उन्हें सरकार में मंत्री नहीं बनाया गया और दूसरा उनकी जगह लेसी सिंह को एक बार फिर से मंत्री पद की जिम्मेदारी दे दी गई . बीमा भारती ने इस मामले में लेसी सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था . लेकिन जैसे ही इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हुई उसके बाद बीमा भारती की जमकर क्लास लगाई गई .