बिहार (Bihar) में विपक्ष रोजगार (employment) के मुद्दे पर सत्ता पक्ष को घेरने का कोई भी अवसर नहीं छोड़ रहा है। इस बीच, श्रम संसाधन विभाग के पोर्टल (Portal of Labor Resources Department) में रोजगार मांगने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। इस दौरान कोरोना काल (Covid-19) में रोजगार मांगने वालों की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई है। इस साल जनवरी तक सबसे अधिक लोगों ने रोजगार के लिए पंजीकरण (Registration)कराया है।

श्रम संसाधन विभाग ने जारी किए है आंकड़े

श्रम संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सरकार के नेशनल करियर सर्विस पोर्टल पर अब तक 13 लाख से अधिक लोगों ने रोजगार के लिए पंजीकरण कराया है।इनमें सबसे अधिक 2021-22 में 2,67,635 बेरोजगारों ने रोजगार की मांग की है। रोजगार मांगने वालों में बेरोजगारों के साथ ही कुछ स्व-रोजगार कर रहे लोग भी शामिल है। हालांकि राहत की बात यह है कि पंजीकरण करने वालों में एक भी छात्र नहीं है, जो पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार भी मांग रहा हो।

गौरतलब है कि बेरोजगारों को रोजगार मांगने में दिक्कत नहीं हो तथा सरकार योग्यता अनुसार काम मांगने वालों को रोजगार उपलब्ध करा सके इसके लिए यह पोर्टल बनाया गया है। आंकड़ों पर गौर करें तो 2015-16 में इस पोर्टल पर 5146 लोगों ने पंजीकरण कराया था जबकि 2019 -20 में 118839 लोगों ने पोर्टल पर जाकर सरकार से रोजगार की मांग की।

इसके बाद 2020-21 में रोजगार मांगने वालों की संख्या में कमी आ गई और यह संख्या 78259 तक सीमित रही। इसके बाद कोरोना काल में बड़ी संख्या में बाहर से लोग लौटे और 2021-22 (जनवरी तक) में यह संख्या बढ़कर 2,67,635 तक जा पहुंची।

लगाया जाता है जॉब फेयर मेला

उल्लेखनीय है कि जॉब फेयर या नियोजन सह मार्गदर्शन मेला लगता है तो इन्हीं पंजीकरण किए हुए लोगों को आमंत्रित किया जाता है। बिना पंजीकरण वालों को रोजगार मेले में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाती। साल 2015-16 से यह व्यवस्था प्रभावी है। पिछले विधानसभा चुनाव में राजद ने बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया था। चुनाव के बाद भी विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव बेरोजगारी को लेकर सत्ता पक्ष को घेरते रहते हैं।