बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कोरोना को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की है। स्वास्थ्य विभाग के साथ समीक्षा बैठक में नीतीश कुमार ने अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए हैं। खासकर दिवाली और छठ महापर्व में बिहार आने वाले लोगों के बारे में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि दिल्ली, मुंबई सहित देश के अन्य राज्यों में रह रहे बिहार के लोग बड़ी संख्या में छठ पर्व मनाने आते हैं। इसलिए नीतीश कुमार ने अधिकारियों को बाहर से आने वाले लोगों को कोरोना जांच कराने का निर्देश दिया है। छठ पर्व में बिहार आ रहे लोग अगर टीकाकरण एवं rt-pcr जांच करा लिए है तो उसका प्रमाण पत्र साथ रखें। सीएम के इस निर्देश के बाद अब स्वास्थ्य विभाग रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं इंटरस्टेट बॉर्डर चेक पॉइंट पर बाहर से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखेगी और इन जगहों पर भी कोरोना जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

नीतीश कुमार ने शनिवार को समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से कोरोना के साथ-साथ अन्य बीमारियों को लेकर विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की ताजा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राज्य में कोरोनावायरस की स्थिति , कोरोना जांच एवं वैक्सीनेशन के साथ ही ब्लैक फंगस, टी बी सहित अन्य बीमारियों के संबंध में जानकारी ली।

छठ और दिवाली में बिहार आने वालों को करना होगा यह काम

इस बैठक में बिहार के अपर मुख्य सचिव ने बताया कि छठ महापर्व के पूर्व कोरोना वैक्सीनेशन अभियान और तेज किया जाएगा और कोरोना जांच की संख्या और बढ़ाई जाएगी। इसके लिए पूरे राज्य में 18, 19 और 20 अक्टूबर को कोरोना वैक्सीन के दूसरे डोज को लेकर डोर टू डोर अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान लोगों को कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज लेने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा।

नीतीश कुमार ने दिया अधिकारियों को यह निर्देश

इस समीक्षा बैठक में नीतीश कुमार ने अधिकारियों से कहा कि आधार कार्ड नहीं रहने के कारण जिनका वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है, उनका भी किसी दूसरे पहचान पत्र के आधार पर टीकाकरण कराएं और उनका आधार कार्ड भी अवश्य बनवाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली एवं छठ महापर्व में देश के अन्य राज्यों में रह रहे बिहार के लोग बड़ी संख्या में यहां आते हैं। उन सब का कोरोना जांच कराया जाए। अगर उनका अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है तो उनका टीकाकरण भी अवश्य करवाएं।