उड़ान योजना के तहत झारखंड में बाबा भोलेनाथ की नगरी के नाम से मशहूर देवघर में अब एयरपोर्ट पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। अगले महीने यहां से उड़ाने शुरू होने की भी संभावना है। बिहार की सीमा पर स्थित होने की वजह से इस एयरपोर्ट का सीधा फायदा बिहार के लोगों को भी मिलेगा। देवघर एयरपोर्ट से उड़ान भरने और यहां पहुंचने वाले यात्रियों का ख्याल रखते हुए सारी व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली गई हैं। इस एयरपोर्ट के शुरू हो जाने से न सिर्फ आने-जाने वाले लोगों को सुविधाएं मिलेंगी, बल्की एयरपोर्ट बनने से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

देवघर में भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा वैद्यनाथ स्थापित हैं। यहां सावन के महीने में हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं, तो वहीं वर्षभर यहां देशभर से बाबा के भक्तों के आने का सिलसिला जारी रहता है। ऐसे में, देवघर एयरपोर्ट बन जाने के बाद दूसरे प्रदेशों के श्रद्धालु भी एक दिन के अंदर बाबाधाम पहुंचकर वैद्यनाथ धाम में दर्शन कर वापस लौट सकेंगे।

एक महीने में शुरू हो सकती है उड़ाने

बता दें कि देवघर एयरपोर्ट पूरी तरह से बनकर तैयार है. BCAS के द्वारा टर्मिनल की बिल्डिंग और सिक्योरिटी चेकिंग को पूरा कर लिया गया है और शुरूआती दिनों में यहां से फिलहाल indigo और spicejet को उड़ान भरने के लिए स्वीकृति भी मिल गई है। देवघर एयरपोर्ट से दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता और रांची जैसे शहरों के लिए उड़ानें भरी जाएंगी। देवघर एयरपोर्ट के डायरेक्टर संदीप ढींगरा का कहना है कि एयरपोर्ट की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बहुत जल्द उद्घाटन का समय भी तय कर लिया जाएगा।

बिहार के लोगों को भी होगा फायदा

देवघर झारखंड में पड़ता है। लेकिन यह शहर बिहार की सीमा से मात्र 10- 15 किलोमीटर ही दूर है। जमुई जिले के प्रमुख रेलवे जंक्शन झाझा से इसकी दूरी मात्र 70 किलोमीटर है। वहीं बिहार के बांका जिले से इसकी दूरी 60 किलोमीटर के आसपास है। ऐसे में इन जिलों के लोगों के हवाई सेवा के लिए देवघर एयरपोर्ट काफी सुविधाजनक साबित होगा।