अग्‍न‍िपथ स्‍कीम को लेकर बिहार एनडीए में बीजेपी और जदयू के बीच घमासान जारी है. इसी बीच बीजेपी नेता और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पटना स्थित सीएम आवास जाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. सीएम नीतीश और धर्मेंद्र प्रधान की मुलाकात को लेकर बिहार के सियासी गलियारे में अटकलें तेज है. हालांकि इस बीच केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सीएम से हुई बातचीत हुई है. वहीं उन्होंने बीजेपी और जदयू के बीच जारी बयानबाजी पर भी बयान दिया.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए केन्द्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सीएम से बात हुई. समर्थन के लिए द्रौपदी मुर्मू जल्द बिहार आएगी. वहीं बीजेपी-जेडीयू के बीच जारी सियासी घमासान पर केन्द्रीय मंत्री ने कि घटक दलों में भी अलग-अलग राय हो सकती है. 2025 तक नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे.इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए. दरअसल हाल के दिनों में बीजेपी और जदयू के नेताओं में बयानबाजी तेज हैं. सीनियर नेताओं द्वारा नसीहत भी दी गई है.

दरअसल बीते महीने ही केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पटना पहुंचने के बाद उन्‍होंने सीधे मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. दोनों नेताओं की ये मुलाकात लंबी चली, लेकिन क्‍या बात हुई ये बाहर नहीं आ सकी. इस मुलाकात को लेकर बिहार के सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म रहा. हालांकि बीजेपी की ओर से कहा गया था कि धर्मेंद्र प्रधान निजी कार्यक्रम से पटना आए थे. उन्होंने सीएम नीतीश से मुलाकात की. यह शिष्टाचार भेंट थी. इसके कोई राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाने चाहिए.

बता दें कि बीजेपी और जदयू के बीच सबकुछ ठीक है क्या. कई दिनों से इसकी चर्चा तेज है. इस बीच आज यानी मंगलवार को भोजनावकाश के बाद विधानसभा में जदयू का एक भी विधायक मौजूद नहीं था. जिस पर स्पीकर ने कहा कि यह काफी दुखद है. वहीं इस मामले पर बिहार सरकार में मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि सदन में मौजूद नहीं रहना कोई रणनीति नहीं थी. साथ ही उन्होंने कहा कि इस पर कोई कयास लगाने की जरुरत नहीं है. लेकिन मिली जानकारी के अनुसार जदयू ने जानबूझ कर दूरी बनाई. सभी विधायकों को चर्चा से दूर रहने का निर्देश था. जदयू विधायकों ने रणनीति के तहत सदन में चर्चा से दूरी बनाई. माना जा रहा है कि जदयू को उत्कृष्ट विधायक के चुनाव पर आपत्ति है.

बतातें चलें कि अग्‍न‍िपथ स्‍कीम के विरोध में बिहार में हुए उग्र प्रदर्शन के बाद एनडीए में घमासान जारी है. बीजेपी और जदयू नेताओं के बीच खूब बयानबाजी हुई. बीजेपी ने अपनी ही सरकार के लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल उठाया था. जिसके जवाब में जेडीयू के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ललन सिंह ने कहा था कि संजय जायसवाल अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं. हाल ही में संजय जायसवाल ने शिक्षा विभाग पर भी सवाल उठाया. जिसका जदयू की ओर से भी करारा जवाब दिया था. इस बीच आज यानी मंगलवार को बिहार विधानसभा में मानसून सत्र के तीसरे दिन जदयू के विधायक सदन से गायब रहे. जिसको लेकर बिहार के सियासी गलियारे में अटकलें तेज है.