बिहार में सम्पूर्ण शराब बंदी पिछले कई सालों से लागू है। परंतु लोग चोरी छुपी शराब बिकने वाली शराब पीते हैं। बिहार सरकार शुरू से ही कहती आयी है, शराब बंदी है, शराब न पिएं । बिहार में गैरकानूनी बनने वाली या बिकने वाली शराब घटिया किश्म की या जहरीली होती है। जिसे पीकर लोग अक्सर बीमार पड़ जाते हैं। सरकार ने भी शराब बन्दी को सफल बनाने के लिए बहुत सारे जगरूकता अभियान चलाए हैं। परंतु कुछ लोग नई मानते हैं सरकार की बात, और खुद का स्वास्थ्य खराब कर लेते हैं।

गोपालगंज में जहरीली शराब से 17 लोगों की 24 घण्टे में हुई है मौत

बिहार के गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से 17 लोगों की मौत (आधिकारिक तौर पर 12) हो चुकी है। बिहार में लगातार जहरीली शराब से हो रही मौत को लेकर विपक्ष हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष ने बिहार सरकार पर आरोप लगाए हुए कहा है कि बिहार की प्रशासन शराब माफियाओं से मिल कर काम करती है। उन्होंने आगे कहा कि बिहार में कोई शराब बंदी नहीं है। नीतीश कुमार से जवाब मांगते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी बताएं कि ये कैसे शराब बंदी है, जिसके कारण बिहार में हर रोज मौतें हो रहीं हैं।

बेतिया में अब तक 15 लोगों की जहरिली शराब से मौत

बेतिया में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या अब 15 हो गई है। पूरे इलाके में इस घटना को लेकर आक्रोश है। मरने वालों के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर बेतिया डीएम, चंपारण रेंज के डीआईजी और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की ।

नौतन प्रखंड के दक्षिणी तिलवा पंचायत के वार्ड नंबर 2, 3, 4 क्षेत्र के 15 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है। 10 लोगों का इलाज बेतिया जीएमसीएच से लेकर अलग-अलग प्राइवेट नर्सिंग होम में चल रहा है। जिनमें कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।