लोग अक्सर नई दुल्हन को कार या दूसरी गाड़ी से लेकर निकलते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक पुलिस अफसर साइकिल पर अपनी दुल्हनिया को लेकर निकले. इनकी शादी की भी सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है. दरअसल, पृथ्वीपुर डीएसपी संतोष पटेल की शादी काफी सुर्खियां बटोर रही है. डीएसपी अपनी नई नवेली दुल्हन को लग्जरी कार में नहीं बल्कि साइकिल से लेकर मंदिर के लिए निकले.

बड़ा ओहदा मिलने के बाद भी अपनी संस्कृति और संस्कारों पर कायम रहने वाले निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर एसडीओपी संतोष पटेल ने यह साबित कर दिया है कि वे पद, प्रतिष्ठा और आधुनिकता की दौड़ में संस्कृति, परंपरा और संस्कारों को नहीं भूले हैं। आधुनिकता के दौर में उन्होंने अपनी शादी में परंपराओं का पूुरा ध्यान रखा।

एसडीओपी ने अपनी शादी में हिन्दू संस्कृति की वैवाहिक परंपराओं का पालन किया। इसके तहत उन्होंने सिर खजूर के पेड़ के पत्तों का मौर भारतीय परिधान में जहां दूल्हा सजा हुआ था तो दुल्हन ने भी ठेठ भारतीय सीधे पल्ले की चुनरी पहन रखी थी। दूल्हा-दुल्हन को लाने ले जाने में भी मोटरगाड़ी का नहीं पालकी का ही प्रयोग किया गया।  इस अनूठी शादी में लोगों को हजारों वर्ष पुरानी संस्कृति के दर्शन हो रहे थे।

आधुनिकता और दिखावे से दूर रही शादी
आमतौर पर आजकल शादियों में खासे इंतजाम होते है। खूब चकाचौंध और आधुनिकता से लवरेज व्यवस्थाएं आलीशान होटल खूब सारी सजावट स्टेटस सिंबल बन गया है। ऐसे में शादियों में लोग लाखों रुपये खर्च करते है। आधुनिकता के बीच जो जितना बड़ा आदमी उसका उतना बड़ा इंतजाम होता वही इन सबके बीच पुरातन संस्कृति कही खो सी गई है।

ऐसे में अफसरों की शादी के तो क्या कहने लेकिन बुन्देलखण्ड केे पन्ना जिले मेंं जन्मे निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर एसडीओपी संतोष पटेल की शादी आधुनिकता और दिखावे से एकदम उलट थी। उन्होंने अपने विवाह समारोह में बुंदेली परंपराओं को जीवंत रखा उनमें बुंदेली दूल्हे की झलक देखने को मिल रही थी। यह दूल्हा आलीशान सहरा नहीं बल्कि खजूर का मुकुट लगाए हुए था।