22 साल की उम्र कोई ज्यादा नहीं होती, लेकिन अगर दिल में जज्बा हो कुछ बड़ा करने का और लगन हो कुछ कर गुजरने का तो UPSC जैसे बड़े एग्जाम भी क्रैक करना आसान हो जाता है। घर की परिस्थिति अगर विपरीत हो और जीवन यापन मुश्किल से हो पा रहा हो तो व्यक्ति अगर जुनूनी हो तो वह कुछ बड़ा कर जाता है, ऐसी ही एक कहानी है 22 साल के बिहार के लाल मुकुंद कुमार की जिन्होंने महज छोटी सी उम्र में यूपीएससी (UPSC) क्रैक किया और बिहार का नाम रोशन किया ।

बिहार के मधुबनी जिले के मुकुंद कुमार एक बेहद ही साधारण परिवार से आते हैं। मुकुंद कुमार के पिता किसान है और उनकी माता प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका। मुकुंद कुमार के पिता इतने सक्षम नहीं थे कि वह मुकुंद कुमार को यूपीएससी की तैयारी करवा सकें, परंतु मुकुंद कुमार के पिता ने अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी और उन्होंने अपने बेटे को यूपीएससी की तैयारी कराने के लिए अपनी जमीन बेच दी। मुकुंद कुमार अपने पिता की इस सपने को पूरा करने के लिए पूरी शिद्दत से मेहनत किया, उनकी मेहनत रंग लाई और वह यूपीएससी क्लियर कर आईएएस बन गए।

सैनिक स्कूल गुवाहाटी के रहे हैं छात्र

मुकुंद कुमार की शुरुआती पढ़ाई मधुबनी से हुई। उसके पश्चात उन्होंने सैनिक स्कूल गुवाहाटी की परीक्षा उत्तीर्ण की और अपने 12th की पढ़ाई उन्होंने वहीं से की। बचपन से ही पढ़ने में होनहार थे मुकुंद कुमार। 12th से ही मुकुंद कुमार यूपीएससी के पैटर्न और सिलेबस की बारीकियों को समझ रहे थे। उन्होंने पीजी डीएवी कॉलेज से अंग्रेजी ऑनर्स में ग्रेजुएशन पूरी की।

हाल ही में आए यूपीएससी के नतीजे में बिहार के इस लाल ने 54 वीं रैंक लाकर यह साबित कर दिया कि अगर मंजिल को पाने की ललक हो और मेहनत पूरी शिद्दत से की जाए तो कोई भी रुकावट आपको मंजिल तक पहुंचने में बाधा नहीं बन सकती। पूरे देश में 761 बच्चे यूपीएससी में चयनित होकर आए, उसमें बिहार ही शुभम ने टॉप किया, और मुकुंद कुमार ने 54 वीं रैंक प्राप्त किया। अब मुकुंद कुमार 22 साल की उम्र में आईएएस ऑफिसर बनेंगे।