पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission) की 67वीं प्रारंभिक परीक्षा पेपर लीक मामले में (67th BPSC Paper Leak) ईओयू ने कार्रवाई तेज कर दी है है। बीपीएससी सचिव जीउत सिंह ने आगे की कार्रवाई के बारे में बताया कि विभिन्न जिलों के डीएम को बीपीएससी ऑफिस में तलब किया गया है, सभी पहुंचे हुए हैं। उन्होंने बताया कि सी सेट का प्रश्न पत्र वायरल हुआ है, पुलिस को इसकी जांच सौंपी जा चुकी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद परीक्षा को लेकर बोर्ड की बैठक बुलाई जाएगी और परीक्षा की डेट निर्धारित की जाएगी।

”सिर्फ आरा के सेंटर वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय से उन्हें परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस प्रशासन की टीम जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद रिपोर्ट से मीडिया को भी अवगत कराया जाएगा। जो प्रारंभिक परीक्षा हुई उसे रद्द कर दिया गया है। मामले को लेकर 20 जिलों के एडीएम आए थे। हम लोग साइबर सेल को पूरा सहयोग कर रहे हैं। जांच भी बहुत लम्बी नहीं चलेगी। परीक्षा की नई तारीख पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन सेंटर से ही पेपर लीक हुआ है, परीक्षा भी जल्द लेंगे।”- जीउत सिंह, सचिव, बीपीएससी

बता दें कि 67वीं बीपीएससी परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर सोमवार को बीपीएससी कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। एआरबी के जवानों के साथ साथ अतिरिक्त बलों को बीपीएससी कार्यालय परिसर और उसके आसपास तैनात किया गया है। इस पूरे मामले की जांच करने के लिए बीपीएससी ने सभी जिले के अधिकारियों को बीपीएससी कार्यालय बुलाया था। मामले को लेकर बीपीएससी के सचिव जीउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सी सेट का क्वेश्चन पेपर वायरल हुआ था। जिसकी जांच पुलिस को सौंपी जा चुकी है।

प्रश्नपत्र के लीक होने के कारणों पर मंथन:

रविवार को बिहार में आयोजित हुए बीपीएससी परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले की जांच के लिए एक-एक कर अन्य जिलों से अधिकारी बीपीएससी कार्यालय पहुंचे हैं। दरअसल बीपीएससी बिहार के अन्य जिलों से बुलाए गए अधिकारियों के साथ बैठक कर इस प्रश्नपत्र के लीक होने पर मंथन करेगा कि आखिर किन लूप होल के कारण इस अति महत्वपूर्ण परीक्षा का प्रश्न पत्र परीक्षा से ठीक एक घंटे पहले ही लीक हो गया था।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम:

गौरतलब हो कि बीपीएससी में प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर बिहार के सभी अधिकारियों को पटना बीपीएससी कार्यालय तलब किया है और इसी कड़ी में सोमवार सुबह को एक-एक कर बिहार के अन्य जिलों से बीपीएससी कार्यालय अधिकारियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है और इसी कड़ी में बीपीएससी कार्यालय परिसर और उसके बाहर सुरक्षा के मुकम्मल तैयारी देखने को मिल रही है।

परीक्षा से पहले पेपर हुआ था वायरल:

पटना में 55,710 परीक्षार्थियों के लिए 83 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। 802 पदों के लिए पहली बार रिकार्ड छह लाख से अधिक आवेदन परीक्षा के लिए आए थे। परीक्षा दोपहर 12 बजे से दो बजे तक आयोजित हुई। आयोग के संयुक्त सचिव सह परीक्षा नियंत्रक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि इस परीक्षा के लिए 6,02,221 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। सभी परीक्षा केंद्रों पर जिला प्रशासन की ओर से धारा 144 लागू की गई थी। बहरहाल, पेपर रद्द होने के चलते छात्रों में मायूसी है। अभ्यर्थी पेपर लीक मामले में आयोग को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने पर अभ्यर्थियों ने रोष जताया है।