कामारेडी जिले के बांसवाड़ा के एक मुस्लिम दंपत्ति ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक अनाथ लड़की को अपनाया और शादी की। इतना ही नहीं इरफाना और हैमद ने दोनों की शादी भी हिंदू रिती रिवाज से करवाई। उन्होंने उसकी शादी वेंकटराम रेड्डी से कर दी। इरफाना और हैमद ने हिंदू रीति-रीवाजों के अनुसार चंदना का कन्यादान किया। वहीं चंदना ने जिस स्कूल से पढ़ाई की थी उसने कर्मचारियों ने शादी के लिए 75,000 रुपया की व्यवस्था भी की। स्थानीय व्यवसायी साईबाबा गुप्ताने भी नवविवाहित जोड़े को 1 लाख रुपये भी दिए।

बोरलाम गुरुकुल स्कूल की प्रधानाध्यापिका इरफाना बानो और उनके पति उदारता के पर्याय हैं। इरफाना जब स्कूल में पढ़ाती थीं तब चंदना ने उसी स्कूल की छठी कक्षा में प्रवेश लिया था। छुट्टियों के दौरान जब सभी बच्चे अपनों के साथ घूमने जाते थे या अपने माता पिता से मिलने जाते थे तब चंदना नहीं जाती थी।वह अकेली ही रहती थी। यह देखकर इरफाना उसे अपने घर ले जाती थी और स्कूल खोलने के बाद उसे वापस स्कूल छोड़ आती थी।

चंदना ने उस स्कूल में दसवीं तक की पढ़ाई की थी। मुस्लिम दंपत्ति ने आगे की पढ़ाई के लिए उसे बाहर भेज दिया। इसके बाद उन्होंने निज़ामाबाद के एक निजी कॉलेज में चंदना को पढ़ाया और फिर उसकी धूमधाम से हिन्दू रीति रिवाज़ से शादी की।

Source : etv bharat