सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक ने अपना नाम बदल दिया है। गुरुवार को फेसबुक में कंपनी का नाम बदलकर ‘मेटा’ करने की घोषणा कर दी है। पिछले कुछ दिनों से फेसबुक के नाम बदले जाने की अटकलें लगाई जा रहे थीं । उसके बाद आज कंपनी के फाउंडर और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने नए नाम का ऐलान कर दिया है। मार्क जुकरबर्ग ने कंपनी के कनेक्ट वर्चुअल रियलीट कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम जो कुछ भी करते हैं उसे शामिल करने के लिए नया कंपनी ब्रांड अपनाने का समय आ गया है। जो कर वर्ग ने कहा कि हम मेटा वर्ष होने जा रहे हैं फेसबुक नहीं।

बता दें कि फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने जुलाई में अर्निंग कॉल में कहा था कि कंपनी का भविष्य ‘मेटावर्स’ में है। फेसबुक जो लक्ष्य बना रहा है, वह एक अल्फाबेट इंक जैसी होल्डिंग कंपनी है- जो कि एक संगठन के तहत इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, ओकुलस और मैसेंजर जैसे कई सोशल नेटवर्किंग ऐप में से एक है।

बताते चलें कि 18 अक्टूबर को फेसबुक ने कहा था वह अगले 5 वर्षों में यूरोपियन यूनियन में 10000 लोगों को काम पर रखने की योजना बना रहा है ताकि मेटावेर्स बनाने में मदद मिल सके। मेटावर्स- एक नई ऑनलाइन दुनिया है जहां लोग मौजूद हैं और शेयर्ड वर्चुअल स्पेस में संवाद करते हैं। फेसबुक ने वर्चुअल रियलिटी और ऑगमेंटेड रियलिटी में भारी निवेश किया है और अपने लगभग 3 अरब यूजर्स को कई डिवाइसेस और एप्स में माध्यम से जोड़ने का इरादा रखता है।

ज़ुकरबर्ग का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि अगले दशक के भीतर ‘मेटावर्स’ एक अरब लोगों तक पहुंच जाएगा। उनका कहना है कि ‘मेटावर्स’ एक ऐसा प्लेटफार्म होगा जिस पर लोग संवाद करेंगे तथा उत्पाद एवं सामग्री तैयार करने के लिए कार्य कर सकेंगे। उन्हें उम्मीद है कि यह एक ऐसा नया प्लेटफार्म होगा जो रचनाकारों के लिए “लाखों” नौकरियां सृजित करेगा।