किसी भी परीक्षा की तैयारी अगर सटीक रणनीति के साथ की जाए और उसपर मेहनत की जाए तो सफलता काफी जल्दी भी मिल सकती है. आज हम आपको जिस यूपीएससी टॉपर के बारे में बताने जा रहे हैं उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा को पहले ही प्रयास में पास कर लिया. इस टॉपर का नाम विक्रम ग्रेवाल है. उन्होंने इस परीक्षा में ना सिर्फ पहले प्रयास में सफलता हासिल की बल्कि अच्छी खासी रैंक भी निकाल ली. यूपीएससी परीक्षा में उनके टिप्स इस परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है. आइए जानते हैं विक्रम ग्रेवाल ने कैसे पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा क्रैक कर ली.

कौन हैं (IAS Vikram Grewal) आईएएस विक्रम ग्रेवाल

हरियाणा के रहने वाले विक्रम ग्रेवाल एक सैनिक के परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता भारतीय थल सेना में नौकरी करते हैं. पिता की सेना में नौकरी होने के कारण उनकी पढ़ाई अलग अलग जगहों पर हुई. पिता का ट्रांसफर होने के कारण उन्हें अकसर अपना स्कूल बदला पड़ता था. स्कूल बदलने की वजह से उन्हें हर बार प्रवेश परीक्षा के लिए बैठना पड़ता था. यही वजह थी कि परीक्षा को लेकर उनके भीतर आत्मविश्वास अच्छा खासा हो गया था. बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि का होने के कारण उन्हें सभी विषय अच्छे लगते थे.

पढ़ाई में अच्छा होने के कारण उन्होंने 10वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने का मन बना लिया था. 10वीं की पढ़ाई के बाद उन्होंने विज्ञान फील्ड से 12वीं की पढ़ाई करने का विचार किया. बताते चलें कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा में उन्होंने अच्छे अंक हासिल किए थे. उन्हें 10वीं में 10 CGPA हासिल हुए तो 12वीं की पढ़ाई में 97 फीसद अंक हासिल कर टॉपर की सूची में आ गए. बेसिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफेन्स कॉलेज में ग्रेजुएशन करने का विचार किया.

विक्रम ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई छोड़कर आर्ट्स स्ट्रीम से पढ़ाई करने का फैसला किया. उनके इस फैसले से घर वालों ने उन्हें खूब सुनाया. अपनी यूपीएससी परीक्षा में टॉप करने की जिद ने विक्रम को आर्ट्स में आने को मजबूर कर दिया. उन्होंने वहां पर इतिहास को पसंदीदा विषय के तौर पर चुना. ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद विक्रम ने यूपीएससी तैयारी शुरू कर दी.

11वीं की पढ़ाई के दौरान ही शुरू कर दी तैयारी

विक्रम ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी 11वीं की पढ़ाई के दौरान ही शुरू कर दी थी. जब वो 11वीं में थे तब उन्होंने एनसीआरटी की सारी किताबों को इकट्ठा करके पढ़ाई शुरू कर दी. हालांकि पूरी तरह से यूपीएससी की तैयारी उन्होंने ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद ही शुरू की. ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद वो अपने गांव कुपवाड़ा वापस जाकर घर से ही तैयारी करने लगे.

विक्रम बताते हैं कि यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के शुरुआती कुछ दिनों तक उन्होंने अच्छी तरह से इस परीक्षा के सिलेबस और पैटर्न को समझा. इसके बाद करीब 2 माह तक एनसीआरटी की किताबों से पढ़ाई की. फिर न्यूजपेपर और टी.वी. से खुद को रोजाना अपडेट भी रखा. इसके अलावा वो हर सप्ताह रिवीजन भी किया करते थे.

51वीं रैंक हासिल कर बनें IAS अधिकारी

सिविल सेवा की परीक्षा के लिए 2 सालों की मेहनत के बाद विक्रम को सफलता मिल गई. साल 2018 में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में 51वीं रैंक हासिल की. उनकी इस सफलता के बाद परिवार के लोगों को बेटे के साइंस स्ट्रीम से आर्ट्स स्ट्रीम के फैसले की बात भी समझ आ गई. उनकी इस सफलता के बाद पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई. अपनी सफलता पर विक्रम बताते हैं कि उन्होंने करीब 2 सालों तक दोस्तों, फोन और सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी. उनकी मेहनत और लगन ही है जिसकी बदौलत उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर ली.