आज हम आपको एक मजदुर के बेटे की कहानी बताने जा रहे है जिनकी ज़िन्दगी में बहुत मुश्किल आई मगर उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान दिया और अपने परिवार वालो का सपना पूरा किया हम बात दुधाराम की कर रहे है जिन्होंने नीट जैसा बड़े एग्जाम को बड़ी सफलत से पास कर लिया है और अब वो अपने गांव का पहले डॉक्टर बनने जा रहे है।

आपको बता दे की जिस वक़्त वो पढाई कर रहे थे उस वक़्त उनके घर की हालत बिलकुल ठीक नहीं थी मगर उन्होंने हर नहीं मानी और बहुत मेहनत करी खबरों की मने तो दुधाराम का डॉक्टर बनने का भी सफर आसान नहीं था।

बता दे की  उन्होंने चार बर NEET परीक्षा दी और उसे इस बार 9375 रैंक मिला. पहले भी उन्होंने एग्जाम दिया थे जिसमे उनके अंक अचे नहीं आये थे मगर इस बार एक प्राइवेट कोचिंग संस्था से तैयारी की थी जिसकी वजह से उनके अच्छे अंक आ गए थे दूधाराम की परिवार की बात करे तो उनके घर में 5 लोग रहते है हलकी उनके परिवार के पास 10-12 बीघा ज़मीन है।

मगर उनके जमीं पर साल में एक बार ही खेती होती है जिसकी वजह से उनका कुछ खास फ़ायद नहीं होता है उनके पिता पूराराम और उनके छोटे भाई मजदूरी कर के अपने परिवार का पेट भरता है और तो उनकी माँ भी मजदूरी करती हैदूधाराम की पिछली ज़िन्दगी की बात की जाए तो उन्होंने अपनी स्कूल की पढाई सरकारी स्कूल से की थी वो बचपन से ही पढाई में बहुत तेज़ थे जिसकी वजह से आज वो अपने गांव के पहले डॉक्टर भन गए है इनको देख कर हमको यही सिख लेनी चाहिए की इन्शान को मेहनत करनी चाहिए।