पटना. बिहार में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. राज्य में चक्रवातीय हवा का प्रभाव उत्तर प्रदेश और बिहार के तटवर्तीय हिस्से में बना हुआ है ऐसे में पिछले 5 दिनों से मानसून सक्रिय है. मौसम विभाग ने एक बार फिर से 16 जिलों के लिए तेज हवा ,वज्रपात के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है. जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है उसमें गोपालगंज, कटिहार, सुपौल, पटना, अररिया, पूर्णिया, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण, शिवहर, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, बांका, बक्सर शामिल हैं.

बदलते मौसम के मिजाज को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, साथ ही वज्रपात को लेकर लोगों से खुले में नहीं रहने की अपील भी की है. इसके आलावा अगले दो दिनों तक गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने की भी संभावना जताई गई है. मंगलवार से पटना में गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी है और शाम 6 बजे दीघा घाट पर 18 सेमी और गांधी घाट पर 92 सेमी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर मापा गया है. केंद्रीय जल आयोग की मानें तो अभी गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी रहेगी और बाढ़ का खतरा भी बना रहेगा.

आपदा प्रबंधन का कंट्रोल रूम भी 24 घंटे जलस्तर की मॉनिटरिंग में लगा है साथ ही कई जिलों में एनडीआरएफ और एस डीआरएफ जवानों की तैनाती की गई है, साथ ही नेपाल से सटे इलाकों को अलर्ट पर रखा गया है. इधर सबसे ज्यादा पटना के नकटा दियारा और बिंद टोली में बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है और लोग अब घर बार छोड़कर पलायन करने पर विवश हैं.