यूक्रेन और रूस के बीच जंग जारी है। जंग के बीच अभी भी कई भारतीय फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के भारत सरकार जद्दोजहद कर रही है। इसी बीच एक से बढ़कर एक अनोखे वाकये सामने आ रहे हैं। दरअसल, युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे केरल के एक छात्र को अपनी पालतू बिल्ली के साथ लौटने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा और आखिरकार जल्द ही वो अपनी बिल्ली के साथ भारत में उतरेंगे।

21 वर्षीय अखिल राधाकृष्णन के पास दो तरह की चुनौती थी, पहला उन्हें यूक्रेन युद्धग्रस्त से सुरक्षित वतन लौटना था और दूसरी चुनौती उन्हें अपने पालतू बिल्ली के साथ सकुशल लौटना था। बता दें कि राधाकृष्णनन पिछले दो सालों से खारकीव राष्ट्रीय चिकित्सा विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं।

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फिलहाल, 21 वर्षीय अखिल राधाकृष्णन यूक्रेन से हंगरी के बुडापेस्ट पहुंच गए थे। वे अब भारत लौट रहे हैं। खास बात यह है कि वे अपनी बिल्ली ‘अम्मिनी’ को लेकर भारत आ रहे हैं, जिसकी वजह से वे खुश हैं। सुरक्षित रूप से बुडापेस्ट आने की कोशिश कर रहे इस युवा छात्र के लिए पिछले दो सप्ताह बेहद मुश्किलों भरा रहा। अखिल ने कहा, “मैं एक कार से ट्रेन में चढ़ा और कीव पहुंचा। फिर, मैंने चोप आने के लिए एक बस ली। दो और ट्रेनें ले कर, मैं बुडापेस्ट पहुंचने में कामयाब रहा।”

अखिल कहते हैं कि ट्रेन की सवारी निश्चित रूप से आसान नहीं थी। हम बाथरूम के सामने बैठे थे और मेरे पास यात्रा करने के लिए केवल एक इंच जगह थी, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात सुरक्षित पहुंचना था।”हालांकि यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले दून के ऋषभ कौशिक अपने पालतू कुत्ते ‘मालिबू’ के साथ शुक्रवार को घर पहुंचे। ऋषभ ने यूक्रेन में बेहद खराब हालत के बीच अपने कुत्ते के बिना वापिस भारत लौटने से इनकार कर दिया था। इसके बाद वे पूरी दुनिया में चर्चा में आ गए थे। किशननगर निवासी ऋषभ खारकीव नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ रेडियो इलेक्ट्रॉनिक्स में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष के छात्र थे।

इसी बीच, शनिवार को विदेश मंत्रालय ने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय यूक्रेन छोड़ चुके हैं। दूतावास उन लोगों से संपर्क करने का प्रयास करेगा जो अभी भी पीछे छूट गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि सूमी और कुछ क्षेत्रों के अलावा बहुत अधिक नहीं बचे हैं। लगभग सभी भारतीय खारकीव शहर छोड़ चुके हैं।

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बागची ने कहा कि पिछले 24 घंटों में 15 फ्लाइट भारत पहुंचीं हैं जिनमें लगभग 2900 भारतीयों को निकाला गया है। ऑपरेशन गंगा के तहत 63 उड़ानें अब तक लगभग 13,300 भारतीयों को लेकर भारत पहुंचीं हैं। अगले 24 घंटों में 13 और फ्लाइट शेड्यूल हैं। 

उन्होंने कहा कि अब हम देखेंगे कि अब भी कितने और भारतीय यूक्रेन में हैं। दूतावास उन लोगों से संपर्क करेगा जिनके वहां होने की संभावना है, परन्तु अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया।